दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने शुरू किया ‘रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ अभियान’, वाहन प्रदूषण में आएगी कमी

उन्होंने कहा कि पैट्रोलियम कंजर्वेशन रिसर्च एसोसिएशन के आंकड़ों के मुताबिक रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ अभियान को सफलता पूर्वक लोग पालन करते हैं तो दिल्ली के अंदर 13 से 20 फीसदी तक वाहन प्रदूषण को कम किया जा सकता है। दिल्ली के अंदर गाड़ियां जो सितंबर के महीने में चल रही थीं, वह गाड़ियां आज भी चल रही हैं। लेकिन उस समय प्रदूषण का स्तर सामान्य था। सर्दियों में मौसम बदलने और पराली जलने से प्रदूषण स्तर बढ़ रहा है। पराली जलाने की घटनाएं जैसे-जैसे बढ़ रही हैं, उसी तेजी से दिल्ली के प्रदूषण का स्तर बढ़ रहा है। दूसरे राज्यों में जो पराली चल रही है उन राज्यों में हम कुछ नहीं कर सकते। इसलिए हमारी कोशिश है कि दिल्ली के हिस्से के वाहन प्रदूषण को कम किया जाए। इसके लिए रेड लाइट ऑन गाड़ी ऑफ अभियान शुरू किया गया है।श्री गोपाल राय ने बताया कि केंद्रीय मंत्री के साथ संयुक्त बैठक हुई थी। जिसमें हरियाणा, पंजाब, राजस्थान और उत्तर प्रदेश के पर्यावरण मंत्री भी शामिल हुए थे। उन सभी लोगों के सामने पूरी बात रखी थी। हमने निवेदन किया था कि जैसे दिल्ली पराली की समस्या से निपट रही है, उसी तरह से दूसरे राज्य भी पराली जलने से रोकें। दिल्ली सरकार ने पूसा बायो डी कंपोजर घोल तैयार करने से लेकर खेतों में छिड़काव करने तक की जिम्मेदारी उठाई है। अगर दूसरी राज्य सरकारों ने जिम्मेदारी उठाई होती तो पराली नहीं जलती। दूसरी राज्य सरकारों ने जिम्मेदारी का निर्वहन पूरी तरह से नहीं किया। जिसकी वजह से दूसरे राज्यों में फिर पराली जल रही है। दिल्ली के अंदर वायु प्रदूषण बढ़ रहा है। लोगों से अपील है कि जनभागीदारी से यह अभियान आगे बढ़ेगा। हम सब मिलकर लड़ेंगे तभी इस प्रदूषण को कम कर पाएंगे।



