




अयं निजः परोवेति गणना लघुचेतसाम् । उदारचरितानां तु वसुधैवकुटुम्बकम् ॥ (महोपनिषद्, अध्याय ६, मंत्र ७१) यह नीति वाक्य सदियों से…
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नई दिल्ली/ओपन सर्च | विश्वगुरु रवींद्रनाथ टैगोर की विचारधाराओं को मानने वाले तो बहुत हैं, लेकिन बहुत कम लोग ही…
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