खराब मौसम के कारण फिर थमी अमरनाथ यात्रा
लगातार बारिश से NH-44 बंद, नए जत्थे की रवानगी रुकी

जम्मू: लगातार हो रही बारिश और खराब मौसम के चलते एक बार फिर अमरनाथ यात्रा पर असर पड़ा है। शनिवार को जम्मू से श्रद्धालुओं के नए जत्थे को कश्मीर घाटी के लिए रवाना नहीं किया जा सका। इसकी मुख्य वजह जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-44) का लगातार दूसरे दिन भी बंद रहना है।
अधिकारियों के अनुसार, उधमपुर जिले के लधा-समरोली क्षेत्र में राष्ट्रीय राजमार्ग की मरम्मत का कार्य जारी है। पिछले सप्ताह भारी बारिश से सड़क को काफी नुकसान पहुंचा था। इसी कारण शुक्रवार को अमरनाथ यात्रा का काफिला गुजरने के बाद एहतियातन हाईवे को दोनों दिशाओं से यातायात के लिए बंद कर दिया गया। इसके बाद हुई लगातार बारिश ने हालात और चुनौतीपूर्ण बना दिए हैं। सड़क पर कीचड़ जमा होने से फिसलन बढ़ गई है, जिससे वाहनों की आवाजाही फिलहाल सुरक्षित नहीं मानी जा रही।
इधर, रामबन और उधमपुर जिलों के कई इलाकों में हल्की से मध्यम बारिश का सिलसिला जारी है। खराब मौसम के कारण हाईवे को दोबारा चालू करने का काम भी प्रभावित हो रहा है। गौरतलब है कि NH-44 कश्मीर घाटी को देश के अन्य हिस्सों से जोड़ने वाला प्रमुख ऑल वेदर मार्ग है। इसके बंद होने से अमरनाथ यात्रा सहित सामान्य यातायात पर भी असर पड़ा है।
श्रद्धालुओं की घटती संख्या को देखते हुए श्री अमरनाथ जी श्राइन बोर्ड (SASB) ने यात्रा से जुड़ी सभी पंजीकरण और टोकन वितरण सेवाओं को तवी रिवरफ्रंट से भगवती नगर बेस कैंप में स्थानांतरित कर दिया है। अब ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन, टोकन वितरण, ई-केवाईसी सत्यापन और RFID कार्ड जारी करने जैसी सभी सुविधाएं यहीं उपलब्ध कराई जा रही हैं।
इस वर्ष 3 जुलाई से शुरू हुई अमरनाथ यात्रा में अब तक लगभग 4.5 लाख श्रद्धालु पवित्र अमरनाथ गुफा में बाबा बर्फानी के दर्शन कर चुके हैं। दक्षिण कश्मीर हिमालय में स्थित इस गुफा में प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिम शिवलिंग श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र है।
यह पहली बार नहीं है जब मौसम ने यात्रा को प्रभावित किया हो। इससे पहले भी भारी बारिश और भूस्खलन के कारण यात्रा कई दिनों तक स्थगित रही थी। विभिन्न स्थानों पर लैंडस्लाइड से मार्ग अवरुद्ध होने के बाद सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यात्रा रोक दी गई थी, जिसे करीब छह दिन बाद दोबारा शुरू किया गया था।
अमरनाथ यात्रा का समापन 28 अगस्त को रक्षाबंधन के अवसर पर होगा। फिलहाल यात्रा की आगे की व्यवस्था मौसम की स्थिति और जम्मू-श्रीनगर राष्ट्रीय राजमार्ग के पूरी तरह बहाल होने पर निर्भर करेगी।



