लैंक्सेस इंडिया का 2.1 करोड़ रुपये के चिकित्सा उपकरणों का योगदान
नई दिल्ली- लैंक्सेस इंडिया ने सीएसआर के हिस्से के रूप में कोरोना वायरस महामारी के खिलाफ अपनी लड़ाई में देश में चिकित्सा के बुनियादी ढांचे की मदद के लिए 2.1 करोड़ रुपये से अधिक का दान देने का वचन दिया है। दूसरी लहर में कोविड-19 मामलों में काफी तेजी आई है और रोगियों के इलाज के लिए महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों की भारी मांग रही है। चिकित्सा संस्थानों को स्थिति से बेहतर तरीके से निपटने में मदद करने के लिए, लैंक्सेस इंडिया ने महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात में अस्पतालों के लिए लगभग 1.9 करोड़ रुपये के 20 ऐडवांस्ड जर्मन वेंटिलेटर दान किए हैं।
इसके अलावा देश में बढ़ती मेडिकल ऑक्सीजन की जरूरत को पूरा करने के लिए लैंक्सेस इंडिया ने जिला अस्पताल, उज्जैन को दस ऑक्सीजन कंसंट्रेटर दान किए हैं।
कंपनी ने नागदा में कर्मचारी राज्य बीमा निगम अस्पताल (ईएसआईसी) को 10 लाख रुपये का दान दिया है ताकि उनके मौजूदा बुनियादी ढांचे को उन्नत करने और रोगियों को बेहतर चिकित्सा उपलब्ध कराने में मदद की जा सके।
कंपनी ने इन वेंटिलेटरों को महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और गुजरात के नौ अस्पतालों में दान किया जहां कंपनी के साइट और कार्यालय हैं। इनमें ठाणे का कौशल्या मेडिकल फाउंडेशन ट्रस्ट अस्पताल और बेथानी अस्पताल, मुंबई में शुश्रुषा अस्पताल, अंकलेश्वर में जयाबेन मोदी अस्पताल, भरूच में सेवाश्रम अस्पताल और सिविल अस्पताल और उज्जैन में पाटीदार अस्पताल, जे अस्पताल और एसएस अस्पताल और अनुसंधान केंद्र शामिल हैं। ये अस्पताल कोविड-19 रोगियों के उपचार के लिए इन वेंटिलेटरों का उपयोग करेंगे।
लैंक्सेस इंडिया के वाइस चेयरमैन और मैनेजिंग डायरेक्टर नीलांजन बनर्जी ने कहा, “भारत में कोरोनावायरस महामारी की वर्तमान दूसरी लहर ने हमारे देश के चिकित्सा बुनियादी ढांचे को प्रभावित किया है और इससे महत्वपूर्ण चिकित्सा उपकरणों की भारी कमी हो गई है। हमारे कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व प्रयासों के एक हिस्से के रूप में लैंक्सेस में हमने एक बार फिर से ठाणे में हमारे मुख्यालय और नागदा एवं झगडिया में हमारे विनिर्माण स्थलों के आस-पास के कुछ अस्पतालों की आधारभूत संरचाना को बेहतर बनाने में सहयोग करने का प्रयास किया है। हम कोविड-19 की दूसरी विनाशकारी लहर से लड़ने में समुदाय की सहायता करना जारी रखेंगे।”
वर्ष 2020-21 में, लैंक्सेस इंडिया ने कोविड-19 राहत के लिए अपने सीएसआर के खर्च के तहत 3.6 करोड़ रुपए से अधिक का योगदान दिया था। इसमें पीएम केयर्स फंड में 2 करोड़ रुपए का योगदान, ठाणे के अस्पतालों 6 ऐडवांस्ड जर्मन वेंटिलेटर, इसके एक टन सर्फेस डिस्इंफेक्टेंट, Rely + On ™️ Virkon ™️ और कई अन्य सामग्रियों के साथ फेस मास्क का दान शामिल हैं।