भारतीय सेना ने चीनी सैनिकों को सीमा पार खदेड़ा

गोगरा हॉट स्प्रिंग में भी पीछे हटे चीनी सैनिक

नई दिल्ली। पूर्वी लद्दाख में गलवान घाटी से लेकर गोगरा तक चीन के सैनिकों को भारतीय सेना ने पीछे खदेड़ दिया है। चीन भले ही आधिकारिक तौर पर इसे मानने को तैयार नहीं है लेकिन सैटेलाइट से मिली तस्वीरों ने उसकी पोल खोल दी है। हमारे सहयोगी चैनल टाइम्स नाउ के मुताबिक सैटेलाइट से मिली लाइन ऑफ एक्चुअल कंट्रोल की तस्वीरों से साफ है कि भारतीय रणबांकुरे कई स्थानों पर चीनी सेना को उसकी हद में धकेलने में कामयाब रहे हैं।15 जून को गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प में 20 भारतीय सैनिक वीरगति को प्राप्त हुए थे लेकिन उन्होंने चीन की सेना को भी भारी नुकसान पहुंचाया। माना जा रहा है कि इस संघर्ष में कम से कम 40 चीनी सैनिक हताहत हुए थे। लेकिन चीन ने आधिकारिक रूप में इस बारे में कुछ नहीं कहा है। सैटेलाइट से मिली तस्वीरों में दो मर्सडीज कारें दिखाई दे रही हैं। इससे साफ है कि गलवान घाटी में हुई हिंसक झड़प के बाद सेना के शीर्ष अधिकारी वहां पहुंचे थे। जाहिर तौर पर वे यह देखने आए थे कि भारतीय सैनिकों के साथ 15 जून की रात हुई हिंसक झड़प में पीएलए को कितना नुकसान हुआ है। साथ ही वहां कुछ एंबुलेंस भी खड़ी दिखाई दे रही हैं। साथ ही वहां घायल सैनिकों के इलाज के लिए आनन फानन में फील्ड हॉस्पिटल भी बनाया गया । माना जा रहा है कि इस झड़प में कुछ चीनी सैनिक इतनी बुरी तरह घायल हो गए थे कि उन्हें एयरलिफ्ट नहीं किया जा सकता था। यहां तक कि उन्हें सड़क मार्ग से भी कहीं नहीं ले जाया जा सकता था। यही वजह है कि घायल सैनिकों के इलाज के लिए आनन फानन में वहीं फील्ड हॉस्पिटल बनाया गया है। इससे साफ है कि चीन की सेना को गलवान घाटी से 5 किमी दूर खदेड़ दिया गया है। यह जगह पीपी 14 के करीब है। चीन ने वहां नदी के पानी के रोकने की भी कोशिश की थी लेकिन ताजा तस्वीरों में इसमें पानी बहता हुआ दिख रहा है। मई के शुरुआत की तस्वीरों में गोगरा हॉट स्प्रिंग एरिया में भी चीन की सेना ने पंगडंडियों के पास तंबू बनाए थे। लेकिन ताजा तस्वीरें के मुताबिक भारतीय सेना ने उन्हें वहां से खदेड़ दिया है। अब वहां भारतीय सेना के तंबू दिखाई दे रहे हैं। दोनों देशों की सेनाओं के बीच 5 और 6 मई को झड़प हुई थी जिसमें दोनों तरफ के कई जवान घायल हो गए थे। इसके बाद दोनों देशों ने सीमा पर सैनिकों की तैनाती बढ़ाई जिससे तनातनी बढ़ती गई। आखिर 15 जून को यह तनातनी गलवान घाटी में चरम पर पहुंच गई और दोनों सेनाओं के बीच हिंसक झड़प का रूप ले लिया।

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