Editorial : आत्मनिर्भरता की झलक
Editorial: A glimpse of selfreliance

Editorial : भारत आज आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेज़ी से आगे बढ़ रहा है और रेलवे के आधुनिकीकरण में भी यह आत्म निर्भरता झलक रही है। अमृत भारत स्टेशन योजना न केवल एक निर्माण योजना है, बल्कि यह भारत की नई सोच और दूरदृष्टि का प्रतीक भी । भारतीय रेलवे के इस कायाकल्प से आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक और सामाजिक गति को नई ऊंचाई मिलेगी।
गुजरात में डाकोर स्टेशन रणछोड़राय जी महाराज से प्रेरित है। सर्वविदित रहे कि इस योजना का उद्देश्य भारतीय रेलवे के आधारभूत ढांचे को वैश्विक मानकों के अनुकूल व अनुरूप बना कर यात्रियों को विश्वस्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराना है। सर्वविदित रहे कि ये 103 स्टेशनों को लगभग 1100 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है।
अमृत भारत योजना केवल इमारतों की मरम्मत नहीं है, बल्कि यह पूरे यात्रा अनुभव को बदलने का एक प्रयास है स्थानीय व्यवसाय, पर्यटन, रोजगार और क्षेत्रीय विकास को भी बढ़ावा मिलेगा। भारत अब तेज़ गति से इंफ्रास्ट्रक्चर के क्षेत्र में काम कर रहा है। पिछले कुछ वर्षों में छह गुना अधिक राशि इंफ्रास्ट्रक्चर परियोजनाओं पर खर्च की गई है।
आज रेलवे में वंदे भारत, अमृत भारत और नमो भारत जैसी आधुनिक ट्रेनें देश की नई रफ्तार और प्रगति का प्रतीक बन चुकी हैं। अमृत भारत स्टेशन न केवल भारत की हजारों वर्ष पुरानी विरासत को संरक्षित करते हैं, बल्कि राज्यों में पर्यटन विकास के लिए उत्प्रेरक के रूप में भी कार्य करते हैं, जिससे युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों का सृजन होता है। लगभग 70 मार्गों पर वंदे भारत रेल चल रही हैं और इनसे दूरदराज के क्षेत्रों में आधुनिक रेल संपर्क स्था पित हो रहा हैं।
Editorial : प्रकृति के साथ सामंजस्य और विकास
आज सैकड़ों सड़क ओवरब्रिज और अंडरब्रिज के निर्माण के साथ ही 34, 000 किलोमीटर से अधिक नई रेलवे पटरियां बिछाना शामिल है। । रेलवे स्टेशन किसी भी शहर के पहले प्रभाव का हिस्सा होते हैं और यह जरूरी है कि वे नए भारत की पहचान बने। ब्रॉड गेज ट्रैक पर बिना फाटक वाली क्रॉसिंग अब इतिहास बन चुकी हैं और अब पूरा रेल नेटवर्क सुरक्षित, तेज़ और आधुनिक हो रहा है।



