Editorial : हिम्मत और अनूठी रचनात्मकता
Editorial: Courage and Unique Creativity

Editorial : ईरान वाकई ऐसे ही कामयाबी की राह पर आगे बढ़ा। तभी तो ट्रंप को सभ्यता खत्म करने की धमकी के बाद यह कहने पर मजबूर होना पड़ा कि हम दो हफ्ते के युद्धविराम के लिए तैयार हैं, हम आगे चर्चा के लिए तैयार हैं, हम ईरान में पुनर्निर्माण के लिए मुआवजा देंगे।
दरअसल ईरान को यह कामयाबी, यह नायकत्व अपने नेतृत्व और जनता की अटूट देशभक्ति के जज्बे से हासिल हुआ है। मंगलवार को जब सब कुछ खत्म करने की चेतावनी अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने दी थी, तो उसके जवाब में उनके समकक्ष ईरान के राष्ट्रपति डॉ.मसूद पेजेशिकयान ने कहा था कि 1.4 करोड़ से अधिक ईरानी लोगों ने देश रक्षा में शहादत के लिए तैयार रहने का इरादा जताया है।
बहरहाल बात ईरान के लोगों की हिम्मत और अनूठी रचनात्मकता की हो रही है। संगीतकार अली $गमसारी ने दमावंद बिजली संयंत्र के सामने बैठकर संगीत के तार छेड़े, ताकि ईरान की अधोसंरचना पर होने वाले हमलों को रोकने में मदद मिल सके। वहीं ईरान के प्रसिद्ध गायक अली ज़ंदवाकिली ने बुनियादी ढांचे की रक्षा के लिए रेलवे लाइन के किनारे गीत गाए। 28 फरवरी के बाद ट्रंप ने कई बार ईरान को कई तरह की धमकियां दीं, लेकिन बीते दिनों उनकी दो धमकियां चर्चा में रहीं।
पहले तो उन्होंने ईरान की सैन्य ताकत खत्म करने के दावे के साथ ईरान को पाषाण युग में वापस भेजने की धमकी दी, इसके बाद एक और धमकी देकर मंगलवार रात आठ बजे तक का वक्त दिया कि इसके बाद वे ईरान के बिजली संयंत्रों, पुलों और सड़कों पर ऐसे हमले करेंगे जिससे एक पूरी सभ्यता नष्ट हो जाएगी। ईरान को धमकाने के लिए ट्रंप ने अपशब्दों का इस्तेमाल भी किया, जिसने उनका असली चेहरा दुनिया के सामने खोल कर रख दिया।
अमेरिका की ईरान को पूरी तरह तबाह करने की धमकी के बीच युवा और खेल मामलों के उपमंत्री अलीरेजा रहीमी ने एक चैनल पर आकर अपने देशवासियों से अपील की कि हम मानवश्रृंखला बनाकर इन धमकियों का जवाब दें, उन्होंने कहा कि, ‘बिजली संयंत्र जो हमारी राष्ट्रीय संपत्ति और पूंजी हैं, चाहे किसी भी पसंद या राजनीतिक नजरिए से देखें, वे ईरान और ईरानी युवाओं के भविष्य के हैं।



