बड़ी धूमधाम से मनाया गया हजूर बाबा सावन सिंह जी महाराज का 166वां प्रकाश दिवस

166th birth anniversary of Hazur Baba Sawan Singh Ji Maharaj

166th birth anniversary of Hazur Baba Sawan Singh Ji Maharaj

हजूर बाबा सावन सिंह जी महाराज का 166वां प्रकाश दिवस 27 जुलाई, 2024 को कृपाल बाग, दिल्ली में बड़ी धूमधाम से मनाया गया, जिसमें सैंकड़ों की संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए।

इस अवसर पर प्रसारित विडियो सत्संग में सावन कृपाल रूहानी मिशन के वर्तमान अध्यक्ष संत राजिन्दर सिंह जी महाराज ने कहा कि, ”हजूर बाबा सावन सिंह जी महाराज जैसे संत-महापुरुष दुनिया में हमें परमात्मा से जोड़ने के लिए आते हैं। वे हमें बार-बार हमारे वास्तविक रूप आत्मा के बारे में समझाते हैं और हमें एक सदाचारी जीवन जीने के लिए प्रेरित करते हैं ताकि हम अध्यात्म के रास्ते पर चल सकें। उन्होंने हमें ध्यान-अभ्यास का तरीका सिखाया जिससे कि हम प्रभु की ज्योति और श्रुति का अनुभव अपने अंतर में कर सकते हैं।”

अपने संदेश में उन्होंने आगे फ़रमाया कि, ”हजूर बाबा सावन सिंह जी महाराज ने लाखों लोगों के जीवन का रुख पिता-परमेश्वर की ओर कर दिया और उन्हें मनुष्य जीवन के वास्तविक उद्देश्य अपने आपको जानना और पिता-परमेश्वर को पाना के विषय में न केवल समझाया बल्कि उन्हें इसका प्रैक्टिल अनुभव भी प्रदान किया। हम सब बहुत ही खुशनसीब हैं कि हजूर बाबा सावन सिंह जी महाराज ने हमें अध्यात्म के रास्ते पर चलाया।

वे हमेशा यही चाहते थे कि हम अपने आपको जानें और पिता-परमेश्वर को पाएं। वे हमेशा यही कहा करते थे कि हम सब प्रभु को इसी जीवन में पा सकते हैं और जीवन के परम उद्देश्य को पूरा कर सकते हैं। हम तब ही सही मायने से उनके प्रकाश दिवस को मनाने के लायक होंगे, जब हम उनके बताए हुए रास्ते को अपनी ज़िंदगी में ढालेंगे।”

प्रकाश दिवस के मौके पर उपस्थित कई श्रद्धालुओं ने हजूर बाबा सावन सिंह जी महाराज के साथ बीते अपने रूहानी अनुभवों को व्यक्त किया।

इस अवसर पर शांति अवेदना सदन, राज नगर, नई दिल्ली में कैंसर पीड़ित भाई-बहनों को मिशन की ओर से दवाईयाँ, फल व अन्य उपयोगी वस्तुओं का मुफ्त वितरण किया गया।

हजूर बाबा सावन सिंह जी महाराज का जन्म 27 जुलाई, 1858 में ग्राम महिमा सिंह वाला, जिला लुधियाना में हुआ। हजूर बाबा सावन सिंह जी महाराज ने अपने उपदेशों द्वारा समझाया कि प्रत्येक जीव पिता परमेश्वर का अंश होने के नाते उसे पा सकता है, जोकि हमारे मनुष्य जीवन का मुख्य उद्देश्य है। उन्होंने अपने जीवनकाल में ये भविष्यवाणी की थी कि आने वाले समय में रूहानियत पश्चिम के देशां में बड़ी तेजी से फैलेगी।

उनके पश्चात परम संत कृपाल सिंह जी महाराज और दयाल पुरुष संत दर्शन सिंह जी महाराज ने देश-विदेश की यात्राएं करके उनके रूहानियत के इस कार्य को दुनिया के कोने-कोने में फैलाया और आज भी उसी रूहानी कार्य को सावन कृपाल रूहानी मिशन के वर्तमान सत्गुरु परम संत राजिन्दर सिंह जी महाराज विश्वभर में अनेक यात्राएं कर लाखों लोगों को ध्यान-अभ्यास की विधि सिखा रहे हैं, जिससे कि हम अपने मनुष्य जीवन का परम ध्येय जोकि अपने आपको जानना और पिता-परमेश्वर को पाना है, को इसी जीवन में पूरा कर सकें।

सावन कृपाल रूहानी मिशन के अध्यक्ष संत राजिन्दर सिंह जी महाराज आज संपूर्ण विश्व में ध्यान-अभ्यास द्वारा प्रेम, एकता व शांति का संदेश प्रसारित कर रहे हैं, जिसके फलस्वरूप उन्हें विभिन्न देशों द्वारा अनेक शांति पुरस्कारों के साथ-साथ पाँच डॉक्टरेट की उपाधियों से भी सम्मानित किया जा चुका है।

सावन कृपाल रूहानी मिशन के आज संपूर्ण विश्व में 3200 से अधिक केन्द्र स्थापित हैं तथा मिशन का साहित्य विश्व की 55 से अधिक भाषाओं में प्रकाशित हो चुका है। इसका मुख्यालय विजय नगर, दिल्ली में है तथा अंतर्राष्ट्रीय मुख्यालय नेपरविले, अमेरिका में स्थित है।

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