बांग्लादेश : हिंदुओं के साथ हिंसा की डिटेल्स

Image Source : BHUC

दुर्गा पूजा के दौरान बांग्लादेश में नवरात्री पंडालों पर हमले का दौर शुरू हुआ और हिन्दू देवी-देवताओं की प्रतिमाओं को तबाह किया जाने लगा। पंडाल ध्वस्त कर डाले गए। फिर मंदिरों को निशाना बनाया गया। कई इलाकों में ये एकतरफा दंगा फ़ैल गया। मुस्लिम भीड़ ने फिर हत्याओं और बलात्कार का दौर शुरू कर दिया, जिसके पीड़ित हिन्दू रहे। अब बांग्लादेश के गृह मंत्री असदुज़्ज़मान ने कहा है कि दुर्गा पूजा पंडालों पर हमले पूर्व नियोजित थे।

उनका कहना है कि पहले से ही इन हमलों की साजिश रच ली गई थी, ताकि मुल्क की सांप्रदायिक शांति को भंग किया जा सके। पिछले एक सप्ताह से चल रही हिंसा के सम्बन्ध में वहाँ की पुलिस ने 4000 आरोपितों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। बांग्लादेश के गृह मंत्री ने कहा कि कॉमिला, रामु और नसीरनगर में सांप्रदायिक तनाव फैलाने की कोशिश हुई है। उन्होंने दावा किया कि शनिवार (16 अक्टूबर, 2021) की रात के बाद से कोई हमला नहीं हुआ।

हालाँकि, हमलों का दौर अब भी बदस्तूर जारी है। भाजपा ने भी कहा है कि अल्पसंख्यकों के खिलाफ इस तरह व्यवस्थित तरीके से हिंसा व क्रूरता दिखाती है कि पश्चिम बंगाल में CAA और NRC लागू करना कितना आवश्यक है। बांग्लादेश के गृह मंत्री ने सबूतों के आधार पर कड़ी सज़ा देने का वादा किया है। बांग्लादेश में कई हिन्दुओं को बेघर होना पड़ा है। गाँव के गाँव जला डाले गए। इस्कॉन के मंदिर पर हमला हुआ।

कहा जा रहा है कि ताज़ा हिंसा में लगभग एक दर्जन लोग मारे गए हैं। चाँदपुर के हाजीगंज में माणिक साहा की हत्या कर दी गई। नोआखली के चौमोहनी में पुजारी जतन साहा, वहीं के इस्कॉन मंदिर में निमाई कृष्ण के अलावा एक अन्य पुजारी, राम ठाकुर आश्रम के 3 पुजारी, कॉमिला में 26 साल के प्रशांत दास और कॉक्स बाजार के रामु दुर्गा मंदिर में एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई। ‘वर्ल्ड हिन्दू फेडरेशन’ के बांग्लादेश चैप्टर के अनुसार, अब तक 17 हिन्दू गायब हैं।

WHF के बांग्लादेश चैप्टर ने ये भी जानकारी दी है कि कुल 23 हिन्दू महिलाओं/लड़कियों के साथ अब तक बलात्कार की घटना सामने आ चुकी है। यहाँ हम संस्था के हवाले से आपको जिलावार बताएँगे कि कहाँ-कहाँ कब इस्लामी भीड़ ने हमला किया और इसमें क्या क्षति हुई। वहाँ की सरकार कार्रवाई करे न करे, हिन्दुओं को याद रहना चाहिए कि उनके साथ कब-कब अत्याचार हुआ और ऐसा करने वाले कौन लोग थे।

कॉमिला:
यहाँ ‘ननौर दिघी पर’ दुर्गा पूजा पंडाल को क्षतिग्रस्त कर दिया गया, मंदिर में भी तोड़फोड़ मचाई गई
नृसिंह देव मंदिर पर हमला, चातीपट्टी क्षेत्र में दशभुजा काली मंदिर पर हमला
ऋषिपरा मंदिर को न सिर्फ ध्वस्त किया गया, बल्कि उसे आग के हवाले भी कर दिया गया
मनोहरपुर में राजेश्वरी काली मंदिर में जम कर तोड़फोड़ मचाई गई
कॉमिला जिले में इन सबके अलावा 14 अन्य मंदिरों व दुर्गा पूजा पंडालों पर हमले हुए

चटगाँव:
बंसखली में शांतिपूर्ण तरीके से दुर्गा पूजा मना रहे हिंदुओं पर हमला, ऐसे 15 पंडालों को ध्वस्त कर दिया गया
शहर में जेएन सेन पूजा पंडाल को ध्वस्त कर दिया गया
चाकबाजार में करुणामयी काली मंदिर पर हमला
पटिया के मेलाघार में तीन पूजा पंडालों को ध्वस्त कर दिया गया
सरकारहाट और हाथाजारी में 5 पूजा पंडालों पर हमला

नोआखली:
नोआखली के इस्कॉन मंदिर पर हमला, प्रतिमाएँ जला डाली गईं और भक्तों के साथ मारपीट
राम ठाकुर आश्रम पर हमला
त्रिशूल, मंगोला, नवदुर्गा, विजया और कोतबारी दुर्गा पूजा पंडालों में तोड़फोड़, 10 मंदिर जलाए गए
चौमोहनी में 9 मंदिरों पर हमला किया गया
हटिया के नलचिरा में 5 मंदिरों पर हमले
नलचिरा में 20 हिन्दू परिवारों के घरों को आग के हवाले किया गया
चयनिबाजार, बेगमगंज, चौमोहनी और सोनैमुरि में लगभग सभी हिन्दुओं के घरों में तोड़फोड़ कर के उन्हें जला डाला गया, कई हिन्दू बेघर

गाजीपुर:
काशिमपुर क्षेत्र में 4 पूजा पंडाल ध्वस्त किए गए
गाजीपुर शहर में इसके अलावा 3 अन्य पूजा पंडालों पर मुस्लिम भीड़ का हमला

इन सबके अलावा लक्ष्मीपुर जिले में पाट रामघाटी और चारसीता में 7 मंदिरों और पूजा पंडालों को निशाणा बनाया गया। करीमगंज के कुलडांगा और उलीपुर में 7 मंदिरों और पूजा पंडालों पर हमले हुए। कॉक्स बाजार में चकारिया और पेकुआ में 200 हिंदू परिवारों के साथ लूटपाट व मारपीट की गई। 7 मंदिरों व पूजा पंडालों पर भी हमले हुए। बंदरम में लामा हरि मंदिर सहित 4 मंदिरों पर हमले किए गए और सारे आभूषण लूट लिए गए।

जाकीगंज और सिल्हट में 6 पूजा पंडालों को निशाना बनाया गया। इसी तरह मुस्लिम भीड़ ने चाँदपुर के हाजीगंज में 7 मंदिरों व पूजा पंडालों को ध्वस्त कर दिया। हाजीगंज में 70 हिंदू परिवारों से लूटपाट हुई। चाँदपुर में रामकृष्ण मिशन पर हमला हुआ। 150 हिंदू परिवारों पर हमला कर मारपीट की गई और उनकी सारी कीमती चीजें लूट ली गईं। खुलना के रुपसा स्थित महाशमशान घाट के दरवाजे से 20 बम बरामद किए गए।

वहाँ भी 3 मंदिर मुस्लिम भीड़ के हमले का शिकार बने। जैसोर के आवेनगर और शरसा में 5 मंदिर हमले का शिकार बने। चपाई नवाबगंज के मनकसा, बिंदापारा और शिबगंज में 8 मंदिरों पर हमले किए गए। फेनी में कई हिंदुओं को बेघर कर दिया गया। उनके घर जला डाले गए। मौलवीबाजार में 5, भोला में 6, रंगपुर में 2, निलफमारी में 3, नाराली में 7 और पिरोजपुर में 5 मंदिरों पर हमला हुआ।

बोगरा में रक्षा काली मंदिर और माँ शीतला मंदिर को निशाना बनाया गया। नरसिंघड़ी में एक काली मंदिर और एक पूजा पंडाल पर हमला किया गया। नाराली के शुकताग्राम में 20 हिंदुओं के घरों पर भी हमला हुआ। भोला में हिंदुओं के मालिकाना हक वाले जीतने भी प्रतिष्ठान और संपत्ति थे, उन सब पर हमले हुए। WFH के सेक्रेटरी दीपन मित्रा ने पूछा है कि क्या बांग्लादेश सेक्युलर रहेगा या उसने पाकिस्तान की विचारधारा को अपना लिया है?

Content Source : hindi.opindia

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button