आखिरकार! दलजीत और राजीव ने एक-दूसरे के लिये अपने प्यार को कबूल किया!

आखिरकार यह हो रहा है! सोनी सब की प्यारी जोड़ी दलजीत और राजीव एक-दूसरे के लिये अपने प्यार को कबूल करने के लिये तैयार हैं। ‘तेरा यार हूँ मैं’ के प्रशंसकों और दर्शकों का इंतजार खत्म हो चुका है, क्योंकि इस शो में एक नया मोड़ आने वाला है। सोनी सब के शो ‘तेरा यार हूँ मैं’ ने अपनी दिलचस्प कहानी से दर्शकों को उनके टेलीविजन स्क्रीन से बांधकर रखा है। इस शो के अपकमिंग एपिसोड्स दर्शकों को राजीव और दलजीत के साथ एक खूबसूरत सफर पर ले जाने वादा करते हैं।
राजीव के पिता प्रताप (राजेन्द्र चावला) उससे बातचीत कर उसे प्रोत्साहन देने हैं और उसका मनोबल बढ़ाते हैं, जिसके बाद राजीव आखिरकार दलजीत के लिये अपना प्यार कबूल करने की हिम्मत जुटा लेता है। दूसरी ओर, दलजीत राजीव को ममता (प्रियल गौर) का बच्चा आईवीएफ से करवाने के लिये मनाने की हिम्मत जुटाती है। जब वे दोनों साथ में एक शॉपिंग ट्रिप के लिये जाते हैं, तब दलजीत आईवीएफ की बात करती है, जिससे दोनों के बीच तीखी बहस हो जाती है। भावनाओं में बहते हुए राजीव और दलजीत संयोग से मान लेते हैं कि उन्हें एक-दूसरे से प्यार है। यह बहुत अस्वाभाविक और अनापेक्षित समय में होता है।
क्या दलजीत इस बहस के बाद भी राजीव के प्यार को कबूल करेगी? क्या राजीव ममता के आईवीएफ की बात मानेगा?
ऐसे कई सवाल हैं, जिनके जवाब मिलने अभी बाकी हैं, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या राजीव और दलजीत की प्रेम कहानी किसी परीकथा की शुरूआत जैसी होगी?
दलजीत की भूमिका निभा रहीं सायंतनी घोष ने कहा, “जिस पल का सबसे ज्यादा इंतजार था, वह आ चुका है और आखिरकार दलजीत को वह सुनने को मिलेगा, जिसकी उसे लंबे समय से प्रतीक्षा थी। राजीव और दलजीत की कहानी तो एक नया मोड़ ले ही रही है, शो का मौजूदा कथानक आज के समय का एक प्रासंगिक मुद्दा भी उठाता है। हालिया वर्षों में मेडिकल साइंस ने इतनी तरक्की कर ली है कि बच्चे के जन्म को देखने का हमारा नजरिया पूरी तरह बदल गया है। मुझे उम्मीद है कि हमारा शो इस मुद्दे पर ज्यादा जागरूकता लेकर आएगा। मुझे यकीन है कि आने वाले एपिसोड्स सभी के लिये भावनाओं और खुशियों से भरे होंगे।‘’
राजीव की भूमिका निभा रहे सुदीप साहिर ने कहा, “राजीव के किरदार और मेरे गुणों में सबसे बड़ी समानता, जो मुझे बहुत पसंद है, वह है परिवार की जिम्मेदारी लेने वाले एक आम आदमी का पुरूषत्व। आप राजीव को कभी अपने परिवार के सामने डरा हुआ, रोते हुए या कमजोर नहीं देखेंगे और मुझे लगता है कि यही बात महत्वपूर्ण है और आदर्श स्थापित करती है। आईवीएफ के इर्द-गिर्द मौजूदा कथानक बहुत प्रासंगिक है और उससे जुड़ी कुछ रूढ़ियों को तोड़ने की कोशिश करेगा। इसी बीच मुझे बहुत खुशी है कि राजीव और दलजीत आखिरकार साथ आ रहे हैं और उन्हें एक-दूसरे के लिये अपना प्यार कबूल करते देखा जाएगा। मुझे यकीन है कि यह ट्विस्ट हमारे दर्शकों को पसंद आएगा, क्योंकि वे बहुत लंबे समय से राजीव और दलजीत द्वारा एक-दूसरे को अपनाये जाने का इंतजार कर रहे हैं।‘’
देखिये ‘तेरा यार हूँ मैं’ अब हफ्ते में छह दिन, हर सोमवार से शनिवार, रात 10 बजे, केवल सोनी सब पर



