गुमनाम स्वंतत्रता सेनानियों के जीवन को युवाओं तक पहुंचाने का कार्य कर रही विवेकानंद केंद्र दिल्ली शाखा

Vivekananda Kendra Delhi branch working to take the lives of anonymous freedom fighters to the youth

स्वतंत्रता की 75वीं वर्षगांठ को सार्थक रूप से मनाने के लिए विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की दिल्ली शाखा की युवा चमू ने एक पहल की शुरूआत की है।

विवेकानंद केंद्र उत्तर प्रांत के प्रांत युवा प्रमुख श्री निखिल यादव ने बताया कि युवा चमू के कार्यकर्ताओं ने आने वाले स्वतंत्रता दिवस तक एक जीवन चरित्र श्रृंखला शुरू की है जिसमें स्वंतत्रता संग्राम में भाग लेने वाले गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के जीवन व योगदान के बारे में जानने का अवसर मिलेगा। यह श्रृंखला सुचारू रूप से नियोजित है ताकि प्रत्येक व्यक्ति विभिन्न माध्यमों से इन गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों के बारे में जान सकें।

श्रृंखला के कुल तीन चरण हैं – प्रथम है, किसी एक चरित्र के उपर लेख तैयार करना ; द्वितीय, उस लेख के आधार पर वीडियो के माध्यम से जानकारी प्रदान करना तथा अंतिम में एक ऐसे प्रदर्शनी का आयोजन करना जिनसे सभी स्वंतत्रता सेनानियों के बारे में चित्रों एवं अन्य माध्यमों से बताया जा सके।

चुकीं यह स्वंतत्रता की 75वीं वर्षगांठ होगी, अतः युवा चमू की ओर से ऐसे 75 गुमनाम स्वतंत्रता सेनानियों की सूची तैयार की गई है जिनके बारे में आने वाले दिनों में जानने का अवसर मिलेगा जैसे उदामी राम, अल्लूरी सीतारमा राजू, थान सिंह रावत आदि। सभी स्वतन्त्रता सेनानियों के बारे में आने वाली वीडियो दिल्ली शाखा की युवा चमू के फेसबुक पेज, ‘यंग इंडिया नो थायसेल्फ : ए लीडरशिप डेवलपमेंट प्रोग्राम’ पर अपलोड हो रहे है। वहां से सभी वीडियो प्राप्त किया जा सकते हैं।

यह पहल समाज में स्वतंत्रता के प्रति ना केवल जागरूकता लाने में सहायक होगी बल्कि स्वतंत्रता के ऐसे नायकों के बारे में बताएगी जिनका नाम आमतौर पर कहीं नहीं आता। निखिल यादव ने यह भी बताया कि इतिहास और इतिहासकारों ने अनेकों स्वतंत्रता सैनानियों के साथ न्याय नहीं किया । लेकिन अब हमारा कार्य अधिक से अधिक ऐसे लोगों को सामने लाना है जिन्होंने अपने जनपद या प्रांत  में  भारत की आज़ादी के लिए कार्य किया था।

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