पराली को गलाने के लिए निःशुल्क बायो डी-कंपोजर का छिड़काव शुरू

– दिल्ली में पिछले साल के मुकाबले बायो डी-कंपोजर घोल का छिड़काव कराने वाले किसानों की संख्या दोगुनी हुई है- गोपाल राय
– जिन किसानों ने बायो डी-कंपोजर के छिड़काव को लेकर पंजीकरण नहीं कराया है, वह 9643844287 पर फोन कर छिड़काव करा सकते हैं- गोपाल राय
– दूसरी राज्य सरकारें भी पराली जलने से रोकने के लिए सक्रियता के साथ काम करें, ताकि पराली के प्रदूषण को रोका जा सके- गोपाल राय

नई दिल्ली । केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में आज से पराली को गलाने के लिए बायो डी-कंपोजर का छिड़काव शुरू किया है। पर्यावरण मंत्री श्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में पिछले साल के मुकाबले बायो डी-कंपोजर घोल का छिड़काव कराने वाले किसानों की संख्या दोगुनी हुई है। जिन किसानों ने बायो डी-कंपोजर के छिड़काव को लेकर पंजीकरण नहीं कराया है। वह 9643844287 पर फोन कर छिड़काव करा सकते हैं। दूसरी राज्य सरकारें भी पराली जलने से रोकने के लिए सक्रियता के साथ काम करें, ताकि पराली के प्रदूषण को रोका जा सके ।

दिल्ली में केजरीवाल सरकार ने नरेला विधानसभा स्थित फतेहपुर जाट गांव के खेतों से बायो डी-कंपोजर के छिड़काव की शुरुआत की है। इस दौरान मौजूद पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने कहा कि दिल्ली में आज से पराली को गलाने के लिए बायो डी-कंपोजर का छिड़काव शुरू हो रहा है। दिल्ली के अंदर पराली कम पैदा होती है। केजरीवाल सरकार की कोशिश है सभी बासमती और नान बासमती खेतों में बायो डी-कंपोजर का छिड़काव किया जाए। दूसरी राज्य सरकारें भी सक्रियता के साथ काम करें। जिससे पराली के प्रदूषण को रोका जा सके।

उन्होंने कहा कि दिल्ली के अंदर प्रदूषण सर्दियों के मौसम में बढ़ जाता है। दिल्ली का प्रदूषण स्तर अब धीरे-धीरे बढ़ना शुरू हुआ है। उसमें गाड़ियों, धूल, कूड़ा जलने का प्रदूषण होता है, लेकिन सबसे बड़ी समस्या सर्दियों में पराली के जलने की है। पंजाब, हरियाणा से पराली जलना शुरू होती है और वह धुंआ दिल्ली के प्रदूषण स्तर को बढ़ाता है।

पिछली बार के मुकाबले पराली पर बायो डी-कंपोजर का छिड़काव कराने वाले किसानों की संख्या दोगुनी हुई है। दिल्ली के अंदर भी कुछ हिस्सों में खेती की जाती है। दिल्ली में पराली के प्रदूषण से निजात पाने के लिए पिछले साल पूसा बायो डी-कंपोजर का लगभग 2 हजार एकड़ में छिड़काव किया था। उसका बहुत सकारात्मक परिणाम रहा। पराली गल गई और खेत की उपजाऊ क्षमता भी बढ़ गई।

इस बार सरकार ने दोगुने खेत में बायो डी कंपोजर के छिड़काव का निर्णय लिया है। हमारा घोल बनकर तैयार हो चुका है। दिल्ली के अंदर बासमती या नान बासमती धान हो, जिसने भी हार्वेस्टर-कार्बाइन से कटवाया है, उन सभी खेतों में सरकार छिड़काव करने के लिए तैयार है। दिल्ली के अंदर अभी तक करीब 4 हजार एकड़ खेतों में छिड़काव के लिए आवेदन आए हैं। लेकिन जिन किसानों ने अभी तक किसी वजह से छिड़काव के लिए आवेदन नहीं दिया है वह फोन करके आवेदन कर सकते हैं। जिन लोगों ने पंजीकरण नहीं कराया है वह 96438 44287 पर फोन कर छिड़काव करा सकते  हैं। केजरीवाल सरकार की तरफ से यह छिड़काव निशुल्क हो रहा है।

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि पिछले 1 साल से लगातार हम यह कोशिश कर रहे हैं। पिछली बार भी हमने छिड़काव किया था और उसका बहुत अच्छा परिणाम आया। हमने केंद्रीय वायु गुणवत्ता आयोग को पिछले साल की पूरी रिपोर्ट सौंपी है। उनके कहने पर थर्ड पार्टी ऑडिट कराने के बाद दोबारा रिपोर्ट सौंप दी है। इसके अलावा केंद्रीय पर्यावरण मंत्री और दूसरे राज्यों उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब के पर्यावरण मंत्री हैं,उनके सामने भी यह बात रखी है। क्योंकि पराली के धुएं की समस्या बिना संयुक्त अभियान के सफल नहीं हो सकती है। इसलिए केंद्र सरकार से निवेदन है कि त्वरित इस पर कार्रवाई करें और राज्य सरकारों से बात की जाए। क्योंकि अभी अगर चूक गए तो फिर पराली का धुआं धीरे धीरे आना शुरू हो गया है। इस दिल्ली को सांसो के संकट से बचाना मुश्किल हो जाएगा।

किसानों से गोपाल राय ने अपील की कि जब भी अपने खेत में बायो डी कंपोजर का छिड़काव कराएं, उसके बाद तुरंत रोटाबेटर से खेत को जोत दें और उसमें पानी लगा दें। जिससे तेजी से के साथ इस पराली को गलाया जा सकता है।

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