टीवी कलाकारों ने हिंदी दिवस पर हिंदी भाषा के महत्व पर बात की

हर साल 14 सितंबर को हिंदी दिवस मनाया जाता है और इसे हिंदी को भारत की आधिकारिक भाषा होने की घोषणा के रूप में याद किया जाता है। आज यह भाषा विकास का स्तंभ बन चुकी है और कई लोगों को इसी से सफलता मिली है, खासकर हिंदी मनोरंजन उद्योग में काम करने वाले कलाकारों को। यहां एण्डटीवी के कलाकारों ने बताया कि आखिर कौन सी बात हिंदी को उनकी पसंदीदा भाषा बनाती है।

उन्होंने यह बताया कि हिंदी मनोरंजन उद्योग में हिंदी का क्या महत्व है। इन सभी कलाकारों ने अपनी हिंदी को लगातार निखारना जारी रखा है ताकि दर्शकों के साथ अपने संबंधों को मजबूत किया जा सके। आइए जानते हैं कि एण्डटीवी के शो ‘और भई क्या चल रहा है‘ के रमेश प्रसाद मिश्रा (अंबरीश बॉबी), ‘घर एक मंदिर-कृपा अग्रसेन महाराज की‘ के महाराज अग्रसेन (समीर धर्माधिकारी), ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ की कटोरी अम्मा (हिमानी शिवपुरी), और ‘भाबीजी घर पर हैं‘ के मनमोहन तिवारी (रोहिताश्व गौड़) का हिंदी भाषा के महत्व पर क्या कहना है।

एण्डटीवी के ‘और भई क्या चल रहा है‘ के रमेश प्रसाद मिश्रा उर्फ अंबरीश बॉबी कहते हैं, “हिंदी दिवस के अवसर पर मैं हिंदी जैसी शानदार भाषा पर प्रकाश डालना चाहूंगा। हिंदी जिस ढंग से बोली जाती है उस लिहाज से यह विविधतापूर्ण है। संस्कृतनिष्ठ शुद्ध हिंदी से लेकर देश के भिन्न हिस्सों में इसे अलग-अलग तरह से बोला जाता है। इस शो में भी मेरा किरदार कई बार अवधी हिंदी बोलता है ताकि दर्शकों से बेहतर ढंग से जुड़ सके।”

एण्डटीवी के ‘भाबी जी घर पर हैं‘ के मनमोहन तिवारी यानी रोहिताश्व गौड़ कहते हैं, “हम सर्वश्रेष्ठ संभव तरीके से संवाद करने और खुद को अभिव्यक्त करने के लिए रोज हिंदी का उपयोग करते हैं। मैं भाग्यशाली हूं कि थिएटर, फिल्म और टेलीविजन परियोजनाओं से जुड़ा रहा हूं। इससे मैं अपनी हिंदी को निखारने और बेहतर करने के लिए प्रेरित हुआ और मैं चाहता हूं कि हिंदी सीखने में हर किसी को गर्व महसूस हो।”

एण्डटीवी के शो, ‘घर एक मंदिर-कृपा अग्रसेन महाराज की‘ के महाराज अग्रसेन यानी समीर धर्माधिकारी ने कहा, ‘‘आराम से अच्छी हिंदी बोलने की मेरी योग्यता ने मुझे यह अवसर दिलाया है जिससे मैं हिंदी मनोरंजन उद्योग में तरक्की कर सकता हूं। इस उद्योग में सफलता चाहने वाले हर किसी को हिंदी सीखने और उसे निखारने के साथ लिखने की अपनी क्षमता बेहतर करने की जरूरत है।

स्क्रिप्ट पढ़ना हो तो मैं हमेशा हिंदी में ही लिखे स्क्रिप्ट पसंद करता हूं क्योंकि कोई भी दूसरी भाषा हिंदी के डायलॉग के मर्म को सही अर्थों में ना तो कैद कर सकती है और ना व्यक्त कर सकती है। एक भारतीय के रूप में हम सब को हिंदी भाषा पर गर्व है और हम अपने जीवन में हर दिन हिंदी दिवस मनाना जारी रखते हैं।”

एण्डटीवी के ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ की कटोरी अम्मा यानी हिमानी शिवपुरी कहती हैं, “हिंदी जानना और उसपर अच्छा नियंत्रण होना आवश्यक है। हम हिंदी मनोरंजन उद्योग का हिस्सा हैं और ऐसे क्षेत्र में भाषा को जाने बिना काम करना शर्म की बात होगी। हिंदी जानकर आप बहुत सारी भावनाओं और अहसास को समझ सकते हैं जिसे दूसरी भाषाएं नहीं समझ पाती हैं। दिलीप कुमार साहब से लेकर अमिताभ बच्चन जी तक, अपनी एक अलग पहचान बनाने वाले सभी कलाकारों का इस भाषा का जबर्दस्त ज्ञान है। और उनकी सफलता का राज है अपनी बातों पर नियंत्रण की उनकी योग्यता तथा इससे दर्शकों को प्रभावित कर सकने की उनकी क्षमता।”

देखिए ‘घर एक मंदिर-कृपा अग्रसेन महाराज की‘ रात 9रू00 बजे, ‘और भई क्या चल रहा है?‘ रात 9रू30 बजे, ‘हप्पू की उलटन पलटन‘ रात 10रू00 बजे और ‘भाबी जी घर पर हैं‘ रात 10रू30 बजे, हर सोमवार से शुक्रवार सिर्फ एण्डटीवी पर

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