संसद मार्च के दौरान हिंसा: दिल्ली पुलिस ने दर्ज की 4 FIR

कई गंभीर धाराओं में मामला दर्ज

Violence during Parliament march: Delhi Police registers 4 FIRs.
Violence during Parliament march: Delhi Police registers 4 FIRs.

पेपर लीक मामले और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर सोमवार, 20 जुलाई को हुए संसद मार्च के दौरान राजधानी दिल्ली में हिंसा भड़क गई। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और अन्य लोग शामिल हुए थे। देखते ही देखते प्रदर्शन हिंसक हो गया और प्रदर्शनकारियों तथा पुलिस के बीच झड़प शुरू हो गई। इस घटना में पुलिस और सुरक्षा बलों के 118 से अधिक जवान घायल हुए, जबकि करीब 60 प्रदर्शनकारियों को भी चोटें आईं।

हिंसा के बाद दिल्ली पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए उपद्रव, सरकारी काम में बाधा, हत्या के प्रयास, सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने और अन्य गंभीर आरोपों में मामला दर्ज किया है। यह FIR संसद मार्ग (पार्लियामेंट स्ट्रीट) थाना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023, आर्म्स एक्ट 1959 और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान से संरक्षण अधिनियम (PDPP Act) के तहत दर्ज की गई है।

FIR में कई गंभीर धाराएं शामिल की गई हैं। इनमें सरकारी कर्मचारी के कार्य में बाधा डालना, लोक सेवक पर हमला करना, गैरकानूनी जमावड़ा, दंगा, हिंसा, सार्वजनिक व्यवस्था भंग करना, हत्या के प्रयास, मानव जीवन को खतरे में डालने वाले कृत्य, आपराधिक साजिश और समान उद्देश्य से सामूहिक अपराध करने जैसी धाराएं शामिल हैं। इसके अलावा आर्म्स एक्ट की धारा 25(1AB) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित पीडीपीपी एक्ट की धारा 3 भी लगाई गई है।

पुलिस का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने कानून अपने हाथ में लिया, सरकारी कामकाज में बाधा डाली, पुलिसकर्मियों पर हमला किया और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। इन सभी आरोपों की जांच संसद मार्ग थाना पुलिस कर रही है।

छात्रों का भविष्य सुरक्षित रखना सरकार की प्राथमिकता : पीएम मोदी

दिल्ली पुलिस ने अब तक इस पूरे मामले में चार FIR दर्ज कर ली हैं, जबकि दो और FIR दर्ज करने की प्रक्रिया जारी है। पहली FIR संसद सत्र के दौरान बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने के मामले में दर्ज की गई है। दूसरी FIR कथित हिंसा की साजिश रचने के आरोप में दर्ज हुई है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण सबूत भी मिले हैं।

इसके अलावा सरकारी कार्य में बाधा, पुलिसकर्मियों से मारपीट और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने के आरोपों में भी अलग-अलग मामले दर्ज किए गए हैं। पुलिस का कहना है कि जांच जारी है और सामने आने वाले सबूतों के आधार पर आगे भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

प्रदर्शन के दौरान कई पुलिस वाहनों में तोड़फोड़ की गई और पुलिस पर पत्थरबाजी भी हुई। हालात को नियंत्रण में लाने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और भीड़ को तितर-बितर करने के लिए बल प्रयोग किया। फिलहाल पूरे मामले की जांच जारी है और पुलिस हिंसा में शामिल लोगों की पहचान कर आगे की कार्रवाई कर रही है।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button