Editorial : भारत की तैयारी और नागरिक सुरक्षा
Editorial: India's Preparedness and Civil Security

Editorial : भारत ने 7 मई को ऑपरेशन अभ्यास नामक एक राष्ट्रीय नागरिक सुरक्षा अभ्यास आयोजित किया, जिसमें 244 जिलों में हवाई हमलों की चेतावनी, बम आश्रयों की तैयारी और नागरिकों को आपातकालीन प्रतिक्रिया की ट्रेनिंग दी गई। यह अभ्यास 1971 के युद्ध के बाद सबसे बड़ा था। 2025 में भारत और पाकिस्तान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव और संघर्ष ने दक्षिण एशिया को एक गंभीर संकट की ओर धकेल दिया है। पिछले कुछ दिनों में कश्मीर में हुए हमलों, सीमा पार से ड्रोन और मिसाइल हमलों, और दोनों देशों के बीच वायु युद्ध ने युद्ध की कगार पर खड़ा कर दिया है।
22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में एक आतंकवादी हमले में 26 नागरिकों की मौत के बाद भारत ने पाकिस्तान पर आरोप लगाया कि उसने हमलावरों को समर्थन दिया। इसके जवाब में भारत ने 23 अप्रैल को सिंधु जल समझौते को निलंबित कर दिया और चेनाब नदी का पानी रोक दिया, जिससे पाकिस्तान में पानी की आपूर्ति में 90 प्रतिशत की कमी आई।
6 मई को दोनों देशों के लड़ाकू विमानों के बीच एक भीषण वायु संघर्ष हुआ। भारत ने अपनी एस-400 मिसाइल प्रणाली का उपयोग किया जबकि पाकिस्तान ने अपने एयर डिफेंस नेटवर्क को सक्रिय किया। दर्जनों विमान नष्ट हुए, और सीमावर्ती क्षेत्रों में हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर ले जाया गया। इस घटनाक्रम ने विश्वभर में चिंता की लहर फैला दी। अमेरिका, रूस, चीन, सऊदी अरब जैसे देशों ने तुरंत शांति की अपील की और मध्यस्थता की पेशकश की।
भारत ने 7 मई को “ऑपरेशन अभ्यास” के तहत देशव्यापी नागरिक सुरक्षा अभ्यास चलाया जिसमें बम आश्रयों की पहचान, नागरिकों को आपातकालीन प्रतिक्रिया की ट्रेनिंग और साइरन टेस्ट किए गए। यह 1971 के युद्ध के बाद सबसे बड़ा राष्ट्रीय सुरक्षा अभ्यास था। संघर्ष के बढ़ने से वैश्विक चिंता भी बढ़ी है।
Editorial : भारत की आर्थिक कूटनीति
अमेरिका ने दोनों देशों से तत्काल संघर्ष विराम की अपील की है, जबकि खाड़ी देशों, विशेषकर सऊदी अरब, ने मध्यस्थता की पेशकश की है। सऊदी विदेश मंत्री ने भारत का दौरा किया और संयम की अपील की। चीन और ईरान ने भी अपनी-अपनी रणनीतिक हितों के तहत इस संघर्ष में अपनी भूमिका निभाई है।



