Editorial : सत्ता समर्थन की लहर
Editorial: Wave of support for power

Editorial : नरेंद्र मोदी ने लगातार तीन बार प्रधानमंत्री बनने के पंडित नेहरू के रिकॉर्ड की बराबरी की। 1977 में कांग्रेस जब पहली बार हार कर सत्ता बाहर हुई तो उसके बाद किसी भी पार्टी की सरकार लगातार तीसरी बार नहीं लौटी। वह रिकॉर्ड पीएम नरेंद्र मोदी ने तोड़ा। इसी तरह अनेक राज्यों में देखा जा सकता है।
जिस तरह से मध्य प्रदेश में कांग्रेस हारी वैसे ही हरियाणा में जीत का पूरा माहौल बनाने और नैरेटिव सेट करने के बावजूद कांग्रेस हार गई क्योंकि वह न तो हरियाणा की 10 साल की डबल इंजन सरकार के प्रति बने प्रो इन्कम्बैंसी को समझ पाई और न कांग्रेस विरोध की अंतर्धारा को समझ पाई।
हरियाणा में लगातार तीसरी बार भाजपा की ज्यादा बहुमत और ज्यादा वोट के साथ सरकार बनी। मध्य प्रदेश, गुजरात, असम, त्रिपुरा, अरुणाचल प्रदेश, गोवा, बिहार, उत्तराखंड, सिक्किम, मेघालय, नगालैंड उत्तर प्रदेश 12 राज्यों में भाजपा और उसकी सहयोगी पार्टियों ने लगातार दो बार या उससे ज्यादा बार सरकार बनाई।
एक दिलचस्प आंकड़ा यह भी है कि दिल्ली को छोड़ दें तो भाजपा लगातार 10 साल तक किसी भी राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी नहीं रही है। जहां एक बार मुख्य विपक्षी पार्टी बनती है वहां वह पांच साल में सत्ता में वापसी करती है। पांच साल तक यानी 2014 से 2019 तक सरकार चलाने के बाद जब भाजपा और शिव सेना गठबंधन चुनाव में गया तब कहा जा रहा था कि एंटी इन्कम्बैंसी है और एनडीए चुनाव हार जाएगा। लेकिन इसका उलटा हुआ।
एनडीए को 161 सीटें मिलीं, जिसमें भाजपा ने 105 और शिव सेना ने 56 सीटें जीतीं। दोनों को मिला कर 42 फीसदी से ज्यादा वोट मिले। झारखंड में पांच साल के जेएमएम, कांग्रेस और राजद के भ्रष्ट और परिवारवादी शासन से लोग ऊबे हुए हैं। वहां लोकसभा चुनाव में भाजपा को पिछली बार के मुकाबले तीन सीटों का नुकसान जरूर हुआ लेकिन अगर विधानसभा सीटों के हिसाब से देखें तो वह 50 से ज्यादा सीटों पर जीती थी।
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यानी लोकसभा चुनाव की तरह भी भाजपा गठबंधन का प्रदर्शन हो तो उसे 50 से ज्यादा सीटें मिलेंगी। कुछ प्रादेशिक पार्टियों की तो सरकारें वापस लौटी हैं लेकिन कांग्रेस ने पिछले 10 साल में किस भी राज्य में लगातार दो बार सरकार नहीं बनाई है। इसका मतलब है कि कांग्रेस की जहां भी सरकार बनती है वहां पांच साल में उसके खिलाफ सत्ता विरोधी माहौल बन जाता है और लोग उसे हरा देते हैं।



