Editorial : पेंशन योजना का एक बेहतर विकल्प

Editorial: A better option for pension scheme

Editorial : हरियाणा और जम्मू-कश्मीर में चुनाव घोषित हो चुके हैं और महाराष्ट्र, झारखंड में अगले माह चुनावों की घोषणा निश्चित है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में केंद्र सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के लिए पेंशन की एक नयी योजना को मंजूरी दी है। मोदी सरकार ने इस स्कीम को ‘सुनिश्चित आर्थिक सुरक्षा’ करार दिया है। अलग-अलग श्रेणियों में जो पेंशन बनेगी, वह ‘सुनिश्चित’ तौर पर सेवानिवृत्त हो रहे कर्मचारी को मिलेगी। पेंशन के साथ ‘महंगाई राहत’ को भी जोड़ा गया है।

इस योजना से केंद्र सरकार के 23 लाख कर्मचारियों व उनके परिवारों को प्रत्यक्ष रूप आर्थिक फायदा मिलेगा। मोदी सरकार ने अपने तीसरे कार्यकाल के 100 दिन पूरे होने से पहले ही एक नयी और बेहतरीन योजना को मंजूर कर दिया। इस नयी पेंशन योजना के आने के बाद से एक चर्चा जोरों पर है कि क्या सरकार पुरानी पेंशन योजना, जो अंग्रेजों के दौर से शुरू होकर 2004 तक तक लागू रही, की तरफ वापस मुड़ रही है। इस पक्ष पर यह स्पष्ट रूप से समझ लेना चाहिए कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।

इस नयी पेंशन योजना के आने के बाद से एक चर्चा जोरों पर है कि क्या सरकार पुरानी पेंशन योजना, जो अंग्रेजों के दौर से शुरू होकर 2004 तक तक लागू रही, की तरफ वापस मुड़ रही है। इस पक्ष पर यह स्पष्ट रूप से समझ लेना चाहिए कि सरकार की ऐसी कोई योजना नहीं है।

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इस नयी योजना के माध्यम से यह स्पष्ट किया गया है कि 25 वर्ष तक काम करने के बाद ही अंतिम वर्ष के मूल वेतन का 50 प्रतिशत हिस्सा हर हालत में पेंशन की रकम के रूप में मिलेगा। वहीं अगर सेवा 25 वर्षों से कम की है, तो पेंशन की रकम सेवा के वर्षों के अनुपात में निश्चित होगी। इस योजना का एक महत्वपूर्ण पक्ष यह भी है कि अगर सेवा न्यूनतम 10 वर्षों के लिए की गयी है, तो मासिक पेंशन की रकम 10,000 रुपये निश्चित रहेगी। यह बहुत सराहनीय है।

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