करनाल की सियासत गरमाई…. आप पार्टी जिलाध्यक्ष के घर पहुंचे सीएम सैनी, बदल सकते हैं पाला

आया राम, गया राम के ही आने वाले दिन, हाल ही में मनोज वधवा, रोहिता रेवड़ी ने ज्वाइन की कांग्रेस

संदीप साहिल

करनाल। आमतौर पर पार्टी कार्यकर्ताओं या जनता के बीच जाना इन चुनावी दिनों में आम बात है, वोट के लिए प्रेरणा के दिन हैं, ऐसे में जाना भी चाहिए लेकिन हुआ यूं कि आज मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी आप पार्टी जिलाध्यक्ष बलविंद्र सिंह यहां पहुंचे। बलविंद्र सिंह वार्ड नंबर दो के पार्षद भी हैं और उन्होंने अपनी दबंग छवि के कारण सरकार के खिलाफ मोर्चा भी खोला था लेकिन राजनीतिक दिनों में जब आप पार्टी के आका अरविंद केजरीवाल सरेआम भाजपा सरकार पर निशाना साधे हुए हैं ऐसे में आप पार्टी के जिलाध्यक्ष् बलविंद्र सिंह के घर पहुंचने का मकसद भी राजनीतिक ही होगा। आज जब सोशल मीडिया पर ये बात वायरल हुई कि आप पार्टी जिलाध्यक्ष बलविंद्र सिंह के घर मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पहुंचे हैं तो ये बात राजनीतिक गलियारों में तेजी से फैल गई। राजनीति के जानकारों ने बिना किसी लाग लपेट के कहा कि लगता है कि कोई नया दलिया या सब्जी पक रही है, आज उसकी नींव रखी जा रही है इसलिए उपचुनाव प्रत्याशी मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी उनके घर आए हैं। वहीं दूसरी ओर आप पार्टी के जिलाध्यक्ष व वार्ड नंबर दो के पार्षद बलविंद्र सिंह ने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं है, मुख्यमंत्री क्योंकि उपचुनाव प्रत्याशी भी हैं और वे खुद वार्ड नंबर दो के पार्षद हैं, ऐसे में प्रत्याशी का उनके घर आना स्वाभाविक भी है। लेकिन राजनीतिक हल्कों में चर्चा है कि बलविंद्र सिंह की राजनीतिक इच्छा मेयर चुनाव लड़ने की रही है उन्होंने पिछले मेयर चुनाव में इलेक्शन फाइट करने के लिए अभियान भी चलाया था लेकिन फिर बाद में उन्होंने किसी कारणवश नाम वापस ले लिया था। राजनीति में कुछ भी संभव हो सकता है क्योंकि राजनीति में ना तो कोई स्थायी दोस्त होता है और ना ही कोई स्थायी दुश्मन। इसलिए ऐसा कहा जा रहा है कि आप पार्टी के जिलाध्यक्ष बलविंद्र सिंह भी अपने कई सीनियर आप नेताओं की तरह भाजपा का दामन थाम सकते हैं। सभी को जानकारी है कि कांग्रेस के बाद आप पार्टी में रहे अशोक तंवर आजकल सिरसा से भाजपा लोकसभा प्रत्याशी हैं और वे कांग्रेस की कुमारी शैलजा के खिलाफ चुनाव लड़ रहे हैं।

नेताओं के ऊंचे सुर, जनता खामोश

आजकल नेताओं के ऊंचे सुर हैं, क्योंकि वे जाकर वोटों की अपील तो कर रहे हैं, लेकिन जनता को खामोश पाकर काफी दिक्कत में हैं। हर गली, मोहल्ले, पार्क में सियासी माहौल अंदर से गरमाया हुआ है। लोग साढ़े नौ साल के हरियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री मनोहरलाल के करनाल विधायक होते हुए कर्म विधान यानी कामों की गिनती कर रहे हैं, उनकी बिना पैसे सिफारिश के नौकरियां देने की बात के साथ साथ, गरीबों के आयुष्मान योजना के तहत फ्री इलाज की लोग तारीफ करते हैं वहीं एंटीएनकंबेंसी के कारण कुछ लोग उनकी खामियां भी गिनवाने से परहेज नहीं करते। इसी कड़ी में मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की धर्मपत्नी सुमन सैनी के साथ लगातार जा रही मेयर रेनू बाला गुप्ता अपने भाषण में राष्ट्र प्रेम, कश्मीर में धारा 370 को हटवाना और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के लिए दोनों मुख्यमंत्रियों को जिताने की जबरदस्त अपील कर रही हैं। लोग उनसे बातों बातों में पूछ ही लेते हैं कि मैडम आपने क्यों नहीं विधानसभा का चुनाव लड़ा ? आपको तो हर कोई जानता है। वे चिरपरिचित अंदाज में मुस्कुराकर पार्टी के निर्णय को अहम बताकर खामोश हो जाती हैं। इसी कड़ी में कांग्रेस के लोकसभा प्रत्याशी दिव्याशुं बुद्धिराजा, उपचुनाव प्रत्याशी त्रिलोचन सिंह का हौंसला बुलंदी पर है। करनाल में पूर्व डिप्टी मेयर मनोज वधवा व पानीपत में रोहिता रेवड़ी के हाल ही में कांग्रेस ज्वाइन करने से स्थितियों में खासा उलट फेर शुरू हुआ है, यदि कांग्रेस में भीतरघात नहीं हुआ तो रिजल्ट बेहतर हो सकते हैं, राजनीति के जानकार आजकल इस तरह की बातें कर रहे हैं।

रूठे पार्षद कहीं बदल ना दें पाला, मनाने पहुंचे सुभाष सुधा

  • करनाल के निगम पार्षद कहीं कांग्रेस के पाले में ना चले जाएं, इसके लिए मनाने का जिम्मा कुरुक्षेत्र थानेसर से विधायक बनकर अभी इन चुनावी दिनो से पहले मंत्री बने सुभाष सुधा को मनाने के लिए भेजा गया है। अंदर की बात ये है कि कुछ पार्षद भाजपा से कांग्रेस में शामिल हुए मनोज वधवा के संपर्क में हैं और वे भी भाजपा को अलविदा ना कह दें इसलिए मंत्री सुभाष सुधा ने अपना काम करनाल नगर निगम पार्षदों के लिए मनुहार का काम शुरू कर दिया है। वहीं अंदर की बात ये है कि पूर्व मंत्री और कांग्रेस के कुरुक्षेत्र से प्रबल दावेदार अशोक अरोड़ा करनाल मनोज वधवा के घर कांग्रेस में ज्वाइन करने वाले पार्षदों की सूची मांग रहे थे, शायद इसकी भनक सुभाष सुधा को लग गई, वैसे भी मंत्री सुभाष सुधा की हर खबर अक्सर पूर्व मंत्री अशोक अरोडा के पास होती है तो जाहिर सी बात है उनकी हर एक्टिविटी की जानकारी मंत्री सुभाष सुधा के पास भी होगी। बता दें कि एक समय पर दोनो यानी सुभाष सुधा व अशोक अरोड़ा एक ही पार्टी यानी इनेलो में रहे हैं।

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