मनीष सिसोदिया ने किया दिल्ली सरकार के शिक्षक-प्रशिक्षक संस्थान ‘डाइट केशवपुरम’ का दौरा

उपमुख्यमंत्री व शिक्षामंत्री  श्री मनीष सिसोदिया (Deputy Chief Minister and Education Minister Mr. Manish Sisodia) ने गुरुवार को दिल्ली सरकार के शिक्षक-प्रशिक्षक संस्थान ‘डाइट केशवपुरम’ का दौरा किया व प्रशिक्षु शिक्षकों(प्री-सर्विस टीचर ट्रेनीज) के कक्षाओं का निरीक्षण किया, उनके टीचिंग-लर्निंग स्टाइल को जाना व उनके साथ लम्बी चर्चा की| गौरतलब है की “डाइट केशवपुरम” दिल्ली में स्थित देश का पहला डाइट है, यहाँ से हर साल 150 प्रशिक्षु प्रारम्भिक शिक्षा में डिप्लोमा हासिल करके टीचर बनने की योग्यता प्राप्त करते है|

इस मौके पर उपमुख्यमंत्री ने उन्हें प्रेरित करते हुए कहा कि एक शिक्षक समाज में 360 डिग्री परिवर्तन लाने की क्षमता रखता है और देश की बुनियाद तैयार करता है| उन्होंने कहा कि शिक्षक एक मल्टी-प्लायर के रूप में होता है और अपने नॉलेज व मूल्यों के माध्यम से समाज को बेहतर बनाने का काम करता है|

चर्चा के दौरान शिक्षा मंत्री ने ट्रेनीज से शिक्षक बनने के उनके मोटिवेशन के बार में पूछा तो उन्होंने बताया पिछले कुछ सालों में हमें एजुकेशन सिस्टम में बहुत से बदलावों को अनुभव किया है| इन बदलावों के कारण हमारे निर्णय लेने की क्षमता और आत्मविश्वास भी बढ़ा है और यही कारण है कि हम शिक्षक बनना चाहते है और शिक्षा के क्षेत्र में आए इस बदलाव में अब एक शिक्षक के रूप में अपनी भूमिका निभाना चाहते है|

इसपर श्री सिसोदिया ने कहा कि, हमारे ट्रेनीज यह सपना देखते है कि उन्हें अच्छा शिक्षक बनना है, अच्छी नौकरी पानी है लेकिन उन्हें अब अपने सपने में एक बड़ा सपना और जोड़ना चाहिए| हर ट्रेनी टीचर को यह सपना देखना चाहिए कि मुझे टीचर बनने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में कुछ ऐसा काम करना है कि भारत का एजुकेशन सिस्टम विश्व के टॉप एजुकेशन सिस्टम में शुमार हो जाए| उन्होंने कहा कि आज हम शिक्षा के क्षेत्र में विश्व के टॉप देशों की लिस्ट देखते है तो उसमें फ़िनलैंड, सिंगापूर, ब्रिटेन आदि का नाम आता है| अब हमें अपने एजुकेशन सिस्टम में ऐसे टीचर्स चाहिए जो इतना शानदार काम करें की अगले कुछ सालों में जब दुनिया के किसी कोने में बैठा कोई व्यक्ति यह सर्च करें कि शिक्षा के क्षेत्र में विश्व का टॉप देश कौनसा है तो उसे भारत का नाम दिखे|

उन्होंने आगे कहा कि यह दारोमदार हमारे स्कूलों में पढ़ा रहे शिक्षकों पर तो है ही साथ ही भविष्य में शिक्षक बनने जा रहे आप ट्रेनीज पर भी है| इसके लिए जरुरी है कि हमारे ट्रेनीज शिक्षा के क्षेत्र में अपनाए जा रहे नवाचारो को समझे और देखे कि फ़िनलैंड, सिंगापूर या ब्रिटेन जैसे देशों ने अपने एजुकेशन सिस्टम में ऐसा क्या खास किया है कि आज वो टॉप पर है| उन्होंने कहा कि हम तभी नं.1 बनेंगे जब आप भावी शिक्षक विश्व के सबसे विख्यात शिक्षकों व शिक्षा व्यवस्थाओं से सीखकर, ग्लोबल कम्पटीशन के लिए तैयार करेंगे ताकि इनकी डिलीवर किए सिस्टम में विश्वभर के बच्चे पढ़ना चाहे|

एजुकेशन वर्ल्ड रैंकिंग में टॉप 10 की सूची में केजरीवाल सरकार के 5 स्कूलों के शुमार होने पर चर्चा करते हुए श्री सिसोदिया ने कहा कि, 2014-15 में दिल्ली सरकार का एक भी स्कूल इस रैंकिंग में नहीं था लेकिन आज 7 सालों में दिल्ली में शिक्षा के क्षेत्र में क्रांति आई है| हमने सरकार में रहते हुए अपने स्कूलों की अच्छी सुविधाएं मुहैया करवाई, शिक्षकों को विदेशों में ट्रेनिंग दिलवाई, इंफ्रास्ट्रक्चर को  शानदार बनाया| हमारे टीचर्स ने बच्चों पर मेहनत की और इसका नतीजा मिलने लगा| हमारे स्कूल  शानदार हो गए, बच्चे उच्च शिक्षा के लिए शानदार शिक्षण संस्थानों में चयनित होने लगे और आज हमारे स्कूल देश के टॉप स्कूलों में शुमार हो गए|

शिक्षा मंत्री ने कहा कि हमने पिछले 7 सालों में 0 से 5 तक का सफ़र तय किया है लेकिन हमें यहीं नहीं रुकना है और तबतक मेहनत करनी है कि दिल्ली के सभी स्कूल सिर्फ भारत की रैंकिंग में टॉप पर न आए बल्कि विश्व रैंकिंग में भी टॉप पर आए|  और यह तभी संभव होगा जब हमारे भावी शिक्षक एजुकेशन को लेकर अपने एप्रोच को बदलेंगे, लीक से हटकर सोचेंगे व खुद को सीमित न रखकर एक लर्नर के रूप में लगातार कुछ नया सीखते रहेंगे|

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