दिल्ली सरकार द्वारा आयोजित दिल्ली के पहले ‘स्लम फेस्टिवल’ का किया उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने किया उद्घाटन

केजरीवाल सरकार दिल्ली के सभी लोगों को सम्मानजनक जीवन देने के लिए प्रतिबद्ध है| दिल्ली शहरी आश्रय सुधार बोर्ड (DUSIB) इसे वास्तविकता में बदलने के लिए लगातार काम कर रही है| इस दिशा में काम जारी रखते हुए, डूसिब ने शेल्टर होम में रहने वाले बेघरों, उनकी चुनौतियों व उनकी जरूरतों से जुड़े मुद्दों पर जागरूकता फैलाने, उनकी उपलब्धियों को पहचानने के लिए सोमवार को दिल्ली के पहले स्लम फेस्टिवल का आयोजन किया। उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने डूसिब शेल्टर होम क्लस्टर, सराय काले खां में सप्ताह भर चलने वाले इस कार्यक्रम का उद्घाटन किया|
कार्यक्रम का उद्घाटन करते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा, “हमारे संविधान ने सभी को सम्मानजनक जीवन जीने का मौलिक अधिकार प्रदान किया है और यह सुनिश्चित करना सरकार के रूप में हमारा कर्तव्य है। उन्होंने कहा कि दिल्ली सरकार डूसिब के माध्यम से उन सभी लोगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है जो बुनियादी जरूरतों से वंचित हैं और लोगों को दिल्ली में बेहतर जीवन जीने में मदद कर रहे हैं।
श्री सिसोदिया ने कहा कि मुझे ख़ुशी है कि डूसिब ने इन आयोजन के माध्यम से स्लम क्लस्टर व नाईट शेल्टर्स में रहने वाले बच्चों-युवाओं को अपना स्किल दिखाने के लिए इतना बड़ा मंच प्रदान किया है| उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल जी के नेतृत्त्व में 7 सालों में बहुत काम हुआ है उसी का नतीजा है कि आज गरीब परिवारों, झुग्गियों, शेल्टर होम में रहने वाले लोगों को भी मोहल्ला क्लिनिक में फ्री में एमबीबीएस डॉक्टरों से शानदार इलाज मिल रहा है| जिसकी किसी ने आज से 7-8 साल पहले कल्पना भी नहीं की थी| यह अरविंद केजरीवाल जी की देन है|
उन्होंने कहा कि आज दिल्ली में गरीब से गरीब परिवार का बच्चा भी आईआईटी-आईआईएम में जा रहा है| इंजिनियर-डॉक्टर बन रहा है यह अरविंद केजरीवाल सरकार की देन है| मुझे ख़ुशी है दिल्ली में हमारी सरकार ने मुख्यमंत्री जी के नेतृत्त्व में अच्छे सरकारी स्कूल-अस्पताल बनवाए, लोगों को फ्री बिजली दी, महिलाओं को फ्री बस यात्रा दी और अब इसमें आज एक और चीज जुड़ गई है| वो है डूसिब द्वारा किया जा रहा यह आयोजन जिसने झुग्गियों व नाईट शेल्टर्स में रहने वाले हमारे बच्चों के अंदर छुपे हुए टेलेंट को प्रदर्शित करने का काम किया है|
श्री सिसोदिया ने कहा कि इस तरह के आयोजन के माध्यम ने न केवल इन बच्चों का अपने हुनर को दिखाने का मौका मिलेगा बल्कि इनका आत्मविश्वास भी बढ़ेगा और सरकार इस दिशा में काम करते हुए उन्हें आगे बढ़ने का मौका देगी|
*क्या है डूसिब द्वारा आयोजित स्लम फेस्टिवल*
इस कार्यक्रम के माध्यम से उन लोगों के प्रयासों को मान्यता देना है जिन्होंने बेघर होने के बावजूद कई बड़ी चुनौतियों से लड़ते हुए सफलता हासिल किया है। इसके साथ ही, विश्व बेघर दिवस-2022 से शुरू होने वाले इस फेस्टिवल के तहत एक सप्ताह के लिए सभी डूसिब के सभी शेल्टर होम व बस्ती विकास केंद्रों में विभिन्न गतिविधियां संचालित की जाएंगी। इन गतिविधियों में मेडिकल कैंप, योग-मैडिटेशन क्लास, स्वच्छता पर विशेष अभियान, वृक्षारोपण, बागवानी गतिविधियाँ, आधार कार्ड / मतदाता पहचान पत्र जारी करने के लिए संबंधित विभागों के सहयोग से शिविर, आम जनता को बेघर लोगों के प्रति संवेदनशील बनाना शामिल है।
अन्य गतिविधियों में कबीर संध्या, स्लम निवासियों / बेघरों की शैक्षणिक उपलब्धियों / प्रतिभाओं को पहचानने के लिए वॉल ऑफ फेम, कठपुतली शो, स्किट शो, खेल, नृत्य, लाइव संगीत, कविता, बेघरों पर फिल्मों की स्क्रीनिंग और बेघर व्यक्तियों के लिए काम करने वाले स्वैच्छिक संगठनों के योगदान को प्रदर्शित करना आदि शामिल है।



