सोनी सब के ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ में पुष्पा ने स्कूल जाना शुरू किया, उसने लाखों महिलाओं को अपने सपने पूरे करने के लिये प्रेरित किया

टेलीविजन पर शुरू होने के एक महीने के भीतर, सोनी सब के ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ ने दर्शकों के दिलों और उनके फैमिली टाइम में अपनी खास जगह बना ली है। प्यारी, लेकिन गुस्सैल पुष्पा (करुणा पाण्डे) ने अपने अंदाज से दर्शकों का दिल जीत लिया है। साथ ही अपनी अनूठी सोच, दिलकश तरीकों और प्यारे स्वभाव से सबका ध्यान अपनी तरफ खींचा है। एक हिम्मती, सिंगल मां, जिसने सब चीजों से ऊपर अपने बच्चों को रखा है, उस पुष्पा ने जिंदगी की अपनी मुश्किलों को पीछे छोड़ते हुए अपनी समस्याओं का एक अलग ही समाधान निकाल लिया है। अपने तेज दिमाग और चालूपंती से उसने यह हल निकाला है। बरसों की मेहनत और निस्वार्थ होकर दूसरों का ध्यान रखने के बाद, पुष्पा अब खुद के लिये कुछ करना चाहती है। अपनी पढ़ाई पूरी करने की उम्मीद करते हुए, जिसे उसने जीवन की शुरूआत में ही छोड़ दिया था, अब उसने अपने जीवन के उस खाली पन्ने को रंगने का फैसला किया है। उसने तय किया है कि वह इसका हल निकालेगी और सबको इस बात के लिये राजी करेगी कि पढ़ने की कोई उम्र नहीं होती। अब वह एक नये सफर पर निकल चुकी है और वह वापस स्कूल आ गई है, हमें उम्मीद है कि उसके जैसे कई लोग इससे प्रेरित होंगे, जिन्होंने अब तक खुद को रोक रखा था।
पुष्पा को अपने स्कूल यूनिफॉर्म में देखकर, उन सारी महिलाओं के लिये यह प्रेरणा के स्रोत के रूप में काम करेगा, जोकि अपने सपनों के लिये संघर्ष कर रही हैं। पुष्पा ने इम्पॉसिबल को पॉसिबल कर दिया है, लेकिन जरा रुकिए यह तो उसके जीवन की कई सारी चुनौतियों की तो शुरूआत ही है, आगे अभी बहुत कुछ बाकी है। पुष्पा को तो यह और भी मुश्किल लगा क्योंकि उम्र की बाधा के साथ, उसकी अपनी बेटी राशि उसे अपने सपने पूरा करने से रोक रही है। तो बने रहिये, ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’ के साथ, क्योंकि पुष्पा अपने स्कूल लाइफ की तरफ बढ़ रही है, नये दोस्त बना रही है और जिंदगी ने उसके सामने जो चुनौतियां रखी है, उसमें दृढ़तार से खड़ी है। पुष्पा के जीवन में जो नींबू आया है, उसने सचमुच उसकी शिकंजी तैयार कर ली!
पुष्पा का किरदार निभा रहीं, करुणा पाण्डे कहती हैं, “पढ़ाई पूरी करने की पुष्पा की कोशिशें, उसकी मेहनत और उसकी दृढ़इच्छाशक्ति रंग दिखाने लगी है, क्योंकि इस उम्र में भी वह स्कूल जाने की तैयारी कर रही है। आज उसने एक नये सफर की शुरूआत की है और अब वह पहले से कहीं ज्यादा अपने सपने पूरे करने के लिये प्रेरित हुई है। एक महिला और एक मां होने के नाते, मुझे उसकी लगन बहुत ही प्रेरक लगी। समाज की आलोचनाओं का सामना करते हुए भी अपने लक्ष्य पर अडिग रहने के लिये बहुत हिम्मत चाहिए, चाहे अधिक उम्र में पढ़ाई करने की बात हो या फिर कोई और आकांक्षा। हालांकि, अभी तो उन कई सारी चुनौतियों की यह शुरूआत है, जिसका सामना पुष्पा को सफलता के रास्ते पर चलते हुए करना होगा। यदि जीवनभर के सपने को पूरा करने की चाहत हो तो इस सफर में किसी भी कठिनाई को पूरा करना आसान है। मुझे उम्मीद है कि पुष्पा के माध्यम से मैं ऐसे ही अन्य लोगों को कभी हार ना मानने के लिये प्रेरित कर पाऊंगी कि उम्र के आगे हार ना मानें, क्योंकि उम्र तो बस एक नंबर है।”
देखिये, ‘पुष्पा इम्पॉसिबल’, सोमवार से शुक्रवार रात 9:30 बजे केवल सोनी सब पर!



