दिल्ली के हरित क्षेत्र के संरक्षण के लिए केजरीवाल सरकार लगवायेगी 10 लाख पौधे

श्री सिसोदिया ने कहा कि इस परियोजना के एक हिस्से के रूप में दक्षिणी रिज क्षेत्र के असोला भट्टी वन्यजीव अभयारण्य, डेरा, मंडी, घिटोरनी, मैदानगढ़ी, रंगपुरी, तुगलकाबाद, पुल पहलादपुर और रजोकरी में स्थित वन क्षेत्र का बड़ा हिस्सा कम सघन है| यहां वन क्षेत्र को सघन करने के लिए लाखों की संख्या में पेड़ लगाए जाएंगे व अन्य प्रजाति के पौधों को नुकसान पहुँचाने वाली प्रजातियों के पेड़-पौधों को हटाने का काम भी किया जाएगा| साथ ही यहां मिट्टी की नमी के संरक्षण सबंधी उपायों को अपनाते हुए पर्यावरण को बहाल करने का काम किया जाएगा|
उल्लेखनीय है कि वन विभाग द्वारा इस साल मानसून से पहले ‘मिशन मोड’ में इन वन क्षेत्रों में 6 लाख से अधिक पौधे लगाए जाएंगे और अगले मानसून सीजन में 4 लाख पौधे लगाए जाएंगे| इन पौधों में अरावली की देशी प्रजातियों के साथ वन विभाग के अपग्रेडेड नर्सरी में विशेष रूप से उगाए गए पौधों की प्रजातियां शामिल हैं। पौधारोपण व उनके संरक्षण का काम दिल्ली वन विभाग द्वारा नियुक्त किए गए ‘इको टास्क फ़ोर्स’ द्वारा किया जाएगा|
*क्या है केजरीवाल सरकार का ‘इको टास्क फ़ोर्स’*
केजरीवाल सरकार का इको टास्क फ़ोर्स वृक्षारोपण को बनाए रखने, वन क्षेत्रों को अतिक्रमण के खतरे से बचाने, क्षेत्र में वन्य जीवन के खतरे को कम करने के लिए वन विभाग की मदद करने का काम करते है| दिल्ली सरकार ने अब इको टास्क फोर्स के कार्यकाल को और पांच साल के लिए मंजूरी दे दी है| इको टास्क फ़ोर्स में टेरिटोरियल आर्मी के भूतपूर्व सैनिक व अफसरों को शामिल किया गया है| टास्क फ़ोर्स 10 लाख पौधा-रोपण की पूरी प्रक्रिया व और पांच साल तक इसके रख-रखाव को मैनेज करने का काम करेगा|



