दिल्ली में छठ-पूजा के सार्वजानिक आयोजन की मिली मंजूरी

ओपन सर्च ब्यूरो, नई दिल्ली। मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल के व्यक्तिगत प्रयास के बाद दिल्ली में आस्था के पर्व, छठ महापर्व के सार्वजानिक आयोजन को मंजूरी मिल गई| पिछले 1 महीने से मुख्यमंत्री श्री अरविंद केजरीवाल उपराज्यपाल व केंद्र सरकार के मंत्रियों से लगातार दिल्ली में छठ पूजा के सार्वजानिक आयोजन को लेकर अपील कर रहे थे।
उन्होंने उप राज्यपाल को इस संबंध में पत्र भी लिखा था। उपमुख्यमंत्री श्री  मनीष सिसोदिया ने भी केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर छठ महापर्व के सार्वजानिक आयोजन को अनुमति देने का आग्रह किया था। इस बाबत उपराज्यपाल की अध्यक्षता में बुधवार को दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण की बैठक का आयोजन किया गया| इस बैठक में ये फैसला लिया गया कि दिल्ली में कोरोना के हालात काबू में है। पिछले कई हफ़्तों से दिल्ली में पॉजिटिविटी रेट 0.1% से भी कम आ रही है| इसे देखते हुए दिल्ली में निर्धारित छठ घाटों पर कोरोना प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए छठ-पूजा के सार्वजानिक आयोजन किया जा सकेगा|
बैठक में ये निर्णय भी लिया गया कि दिल्ली में 1 नवम्बर से सभी क्लासेज के लिए स्कूल खोले जा सकेंगे| पहले चरण में 9वीं से 12वीं तक के स्कूलों को खोलने की अनुमति दी गई थी| अब नर्सरी से आठवीं तक के स्कूल भी खुल सकेंगे| उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने प्रेस-कांफ्रेंस के माध्यम से इसकी जानकारी दी| उन्होंने कहा कि कोई भी स्कूल पेरेंट्स की मंजूरी के बिना बच्चों को स्कूल आने के लिए बाध्य नहीं करेगा, ब्लेंडेड मोड में ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन क्लास जारी रहेगी| साथ स्कूल 50% की क्षमता के साथ ही खुलेगे।

दिल्ली सरकार पिछले 1 महीने से दिल्ली में छठ पूजा के सार्वजानिक आयोजन के लिए उपराज्यपाल और केंद्र सरकार से मंजूरी मांग रही थी| मुख्यमंत्री श्री  अरविंद केजरीवाल ने पत्र लिख कर उपराज्यपाल से छठ पूजा के सार्वजानिक आयोजन को अनुमति देने का आग्रह किया था, उपमुख्यमंत्री ने भी केन्द्रीय स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर छठ के आयोजन की अनुमति मांगी थी|

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली में सभी कोविड प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन करते हुए निर्धारित छठ घाटों पर छठ पूजा का सार्वजानिक आयोजन किया जाएगा| इसके लिए जल्द ही एक SOP जारी किया जाएगा| उन्होंने अपील करते हुए कहा कि आस्था का पर्व छठ महापर्व बहुत बड़ा त्यौहार है इसलिए बेहद सावधानी के साथ इसका आयोजन किया जाए|

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि स्कूलों के बंद रहने से पिछले 1.5 साल से ज्यादा से बच्चों की पढ़ाई का काफी नुकसान हुआ है| जिसकी भरपाई करना काफी मुश्किल है| साथ ही अब दिल्ली में कोरोना के मामले भी नियंत्रण में है इसलिए ये निर्णय लिया गया है कि 1 नवम्बर से सोशल डिस्टेंसिंग और कोरोना संबंधी सभी प्रोटोकॉल का पालन करते हुए अब दिल्ली में नर्सरी से 8वीं तक के स्कूल खोल दिए जाएंगे|

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बच्चों को स्कूलों में बुलाने से पहले उनके पेरेंट्स की मंजूरी ली जाएगी| पेरेंट्स की मंजूरी न मिलने पर बच्चों को स्कूल में बुलाने पर बाध्य नहीं किया जाएगा| साथ ही सभी शैक्षणिक गतिविधियां ब्लेंडेड तरीके से ऑफलाइन के साथ-साथ ऑनलाइन भी चलती रहेंगी| स्कूलों में 50% की क्षमता के साथ बच्चों को बुलाया जाएगा|  जल्द ही सरकार द्वारा इन स्कूलों को खोलने से संबंधी SOP जारी कर दिया जायगा|

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि सभी स्कूलों को ये सुनिश्चित करना होगा कि उनके सभी टीचिंग और नॉन-टीचिंग स्टाफ पूरी तरह से वैक्सीनेटेड हो| उन्होंने साझा किया कि दिल्ली के स्कूलों के लगभग 98% टीचर ऐसे है जिन्हें वैक्सीन की कम से कम 1 डोज़ लग चुकी है|

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