Editorial : एकता के प्रतीक सरदार वल्लभभाई पटेल

Sardar Vallabhbhai Patel, the symbol of unity

Sardar Vallabhbhai Patel, the symbol of unity
Sardar Vallabhbhai Patel, the symbol of unity

Editorial : 31 अक्तूबर 2025 को, हम भारत की एकता और अखंडता के महान शिल्पी सरदार वल्लभभाई पटेल की जयंती मना रहे हैं। “लौह पुरुष” के नाम से प्रसिद्ध सरदार पटेल ने न केवल स्वतंत्रता संग्राम में अग्रणी भूमिका निभाई, बल्कि स्वतंत्र भारत के निर्माण में भी अमिट योगदान दिया।

स्वतंत्रता के समय भारत सैकड़ों रियासतों में बँटा हुआ था। यह कार्य असंभव प्रतीत होता था कि इतनी विविध रियासतों को एक राष्ट्र में जोड़ा जा सके। परंतु सरदार पटेल की दूरदर्शिता, दृढ़ निश्चय और राजनीतिक सूझबूझ ने यह कर दिखाया। उन्होंने बातचीत, समझौते और कभी-कभी दृढ़ कदम उठाकर सभी रियासतों का भारत संघ में विलय कराया। इस प्रकार उन्होंने “एक भारत” के सपने को साकार किया।

सरदार पटेल का जीवन हमें सादगी, निष्ठा और राष्ट्रप्रेम का पाठ पढ़ाता है। उन्होंने सत्ता या पद की लालसा कभी नहीं रखी, बल्कि सदा देशहित को सर्वोपरि माना। उनकी कार्यशैली से यह संदेश मिलता है कि सच्चा नेतृत्व वही है जो अपने स्वार्थ से ऊपर उठकर राष्ट्र के कल्याण के लिए कार्य करे।

आज जब हमारा देश विकास की नई ऊँचाइयों को छू रहा है, तब सरदार पटेल के आदर्श और भी प्रासंगिक हो जाते हैं। उनके शब्द—“देश की एकता ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है”—आज भी हर भारतीय को प्रेरित करते हैं।

इस जयंती पर हमें यह संकल्प लेना चाहिए कि हम उनके दिखाए मार्ग पर चलकर भारत की एकता, अखंडता और समरसता को बनाए रखें। यही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी।

Related Articles

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back to top button