लैंडफिल साइट में बढ़ती आग की घटनाओ को रोकने के लिए मुंबई के गैस सकिंग मॉडल पर काम करने का दिया निर्देश

*-मुंबई के डंपिंग स्थल में लगे गैस सकिंग सिस्टम को अपनाने के निर्देश*
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने लैंडफिल साइट्स पर लगने वाली आग की घटनाओं पर अपनी गंभीरता जताते हुए बताया कि दिल्ली में इस समस्या से स्थाई रूप से नियंत्रण पाने के लिए मुंबई के डंपिंग स्थल पर लगे हुए गैस सकिंग सिस्टम को अपनाने के लिए डीपीसीसी और एमसीडी को निर्देश दिए गए है | इस गैस सकिंग सिस्टम से कूड़े से लगातार निकलने वाली मीथेन गैस पर नियंत्रण पाया जा सकेगा | उन्होंने कहा कि लैंडफिल साइट्स में आग लगने का सबसे बड़ा कारण उसमे से लगातार निकलने वाली मीथेन गैस है, जो ना केवल आग कि घटनाओं को बढ़ावा देती है बल्कि वायुमंडल के लिए भी हानिकारक है |
सभी विभागों के विशेषज्ञों के साथ हुई बैठक में कई तत्कालीन सुझावों पर भी विचार किया गया ताकि जल्द से जल्द उनपर कार्रवाई कर आग की घटनाओं को रोका जा सके | बैठक के दौरान विशेषज्ञों के साथ हुई चर्चा में गैस के अनियंत्रित उत्सर्जन की रोकथाम के लिए गैस के कुँए लगाने , कूड़े को लगभग 10 सेंटीमीटर तक मिट्टी से ढ़कने , 6 तरीकों से कचरा पृथक्करण (सेग्रीगेशन) करना जैसे सुझावों के बारे में भी विचार किया गया | गैस सकिंग सिस्टम की जानकारी लेने के लिए डीपीसीसी और एमसीडी की संयुक्त टीमों को मुंबई जल्द से जल्द भेजने के आदेश जारी कर दिए गए है |
*-एंटी ओपन बर्निंग अभियान के तहत 10 विभागों की 500 टीमें तैनात*
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने एंटी ओपन बर्निंग अभियान पर भी प्रकाश डालते हुए बताया कि इस अभियान के तहत पूरी दिल्ली में 10 विभागों की 500 टीमें तैनात की गई है | जो ओपन बर्निंग से सम्बंधित सभी उचित कार्रवाई के साथ-साथ चौबीसो घंटे निरीक्षण करने का काम भी कर रही है |
*-डीपीसीसी और एमसीडी की टीमों को लैंडफिल साइट्स के सतत निरीक्षण के निर्देश*
पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि लैंडफिल साइट्स में आग लगने कि घटनाओं कि रोकथाम के लिए एमसीडी और डीपीसीसी कि टीमों को 24 घंटे निगरानी रखने के लिए निर्देश भी जारी कर दिए गए है | यह टीमें ना केवल लैंडफिल साइट्स का सतत निरीक्षण करेंगी बल्कि आग की घटनाओं को रोकने का भी काम करेंगी | दिल्ली सरकार सभी तरह का प्रयास कर रही है जिससे दिल्ली को ना केवल प्रदूषण मुक्त बल्कि स्वच्छ भी बनाया जा सके |



