एकनाथजी रानडे के एक जीवन एक ध्येय को समझना जरुरी – निखिल यादव
2 और 3 अप्रैल 2022 को विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की दिल्ली शाखा की संरचना Young India : Know Thyself (यंग-इंडिया: खुद को जानें – एक नेतृत्व विकास कार्यक्रम) के तहत अपना तीसरा और चौथा उन्मुखीकरण कार्यक्रम (वर्कशॉप) आयोजित किया। कार्यक्रम में बोलते हुए विवेकानंद केंद्र उत्तर प्रान्त के युवा प्रमुख श्री निखिल यादव ने युवाओ को बताया की “एक जीवन एक ध्येय” का विचार कितना महत्वपूर्ण है जो विवेकानंद केंद्र के संस्थापक माननीय श्री एकनाथजी रानडे द्वारा दिया गया है।
स्वामी विवेकानंद भी एक विचार को अपने जीवन का लक्ष्य बनाकर उसपर अपने पूरी शक्ति लगाने का आह्वान करते थे। आज – कल की प्रतिस्पर्धा में युवाओ के सामने भटकाव बहुत अधिक हो गए है। मानसिक तनाव तो शारारिक तनाव से भी ज्यादा है। इसलिए स्वामीजी का साहित्य पढ़ना और योग – आसान का अभ्यास करना इन परिस्तिथयों में और भी महत्वपूर्ण हो जाता है। विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की दिल्ली शाखा ऐसे स्वाध्याय वर्ग और योग वर्ष दिल्ली विश्वविद्यालय के अनेकों कॉलेज में आयोजित करवाती है। इन दो दिन की कार्यशाला में दिल्ली विश्वविद्यालय के दीन दयाल उपाध्याय कॉलेज , शहीद भगत सिंह कॉलेज ( प्रातः और संध्या ) और महाराजा अग्रसेन कॉलेज के विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में उत्साह के साथ भाग लिया। “
श्री निखिल यादव जी (प्रान्त युवा प्रमुख, विवेकानंद केंद्र ,उत्तर प्रान्त) ने यह भी बताया की ” यह एक ऐसा कार्यक्रम है जो युवाओं द्वारा, युवाओं के लिए पूरे दिल्ली में आयोजित किया जाता है। यह कार्यक्रम भाग लेने वाले अथवा आयोजन करने वाले सभी विद्यार्थियों के लोए अति लाभदायक साबित हुआ है । इस पहल से आगे बढ़ेगा देश का युवा, और साथ ही हमारा देश भी।”



