600 विशेष ओलंपिक एथलीटों की स्वास्थ्य जांच करते हुए उन्हें प्रशिक्षित किया

नई दिल्ली। आजादी का अमृत महोत्सव के तहत विशेष ओलंपिक भारत द्वारा मंगलवार को कड़कड़डूमा दिल्ली में एक राष्ट्रीय स्वास्थ्य शिविर लगाया गया, जिसे मेगा हेल्थ फेस्ट का नाम दिया गया। सुबह 8 बजे से सायं 5:00 बजे तक अमर ज्योति स्कूल, कड़कड़डूमा, दिल्ली में चले इस विशेष कैंप में कुल 600 एथलीटों की स्वास्थ्य जांच की गयी।
कार्यक्रम के प्रथम चरण के मुख्य अतिथि केंद्रीय राज्य मंत्री जनरल वी के सिंह ने कहा क़ि यह शिविर आजादी का अमृत महोत्सव के तहत विशेष ओलंपिक भारत द्वारा, खेल मंत्रालय भारत सरकार के मार्फ़त की गई एक सकारात्मक पहल है, जिसके तहत राष्ट्रीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन देशव्यापी पैमाने पर किया जा रहा है। जनरल वीके सिंह ने कहा क़ि फौज में भी हम इस तरह का अभियान चलाते हैं जिसमें कि युद्ध में या अभ्यास के दौरान घायल हुए सैनिकों को उनकी किसी भी प्रकार की विकलांगता को ध्यान में रखते हुए उन्हें विशेष प्रशिक्षण दिया जाता है और उन्हें खेलों में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित किया जाता है, जिससे कि उनकी शारीरिक क्षमता को पुनः उसी तरह का बनाया जा सके जैसे कि पहले थी।
कार्यक्रम के द्वितीय चरण के मुख्य अतिथि केंद्रीय भारी उद्योग मंत्री डॉ महेंद्र नाथ पांडे ने इस अवसर पर सम्बोधित करते हुए कहा क़ि यह एक बहुत ही सराहनीय पहल है कि यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल इस राष्ट्रीय स्वास्थ्य शिविर का आयोजन देशव्यापी पैमाने पर कर रहा है। ऐसी पहलों से मैंने बहुत से ऐसे बच्चों की थोड़े से ही प्रोत्साहन से अपने जीवन में और अपने आस पास के लोगों के लिए एक बहुत बड़ा उदाहरण बनते हुए देखा है। इन एथलीटों को विकसित करने और बनाने में मदद करने के लिए विशेष ओलंपिक भारत द्वारा किये गए इस अंतरराष्ट्रीय स्तर के पहल पर इस देश को अत्यंत गौरव एवं ख्याति की प्राप्ति होगी, ऐसा मेरा अनुमान, मंशा एवं शुभकामनाएं हैं। डॉ पांडेय ने कहा क़ि प्रधानमंत्री ने बहुत सराहनीय कदम उठाया है इन्हें दिव्यांग नाम देकर। पहले विकलांग बोलने से हीन भावना आती थी, लेकिन अब इनको समाज में एक नयी पहचान मिली है। इन सबके हुनर को पहचान मिली है और अब ये देश का नाम रोशन करेंगे।
वहीं, हॉस्पिटल के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ सुनील डागर ने बताया कि इन विशेष एथलीट बच्चों को प्रोत्साहित एवं प्रशिक्षित करने के लिए यशोदा सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल कौशाम्बी के वरिष्ठ डॉक्टरों ने विशेष ओलंपिक स्क्रीनिंग और छह स्वास्थ्य विषयों जैसे आंखों की देखभाल, मौखिक स्वास्थ्य, हड्डी एवं जोड़ रोग स्वास्थ्य, बाल रोग, भौतिक चिकित्सा, पोषण से सम्बंधित जाचें की एवं परामर्श दिया गया।
वहीं, डॉ उपासना अरोड़ा ने बताया क़ि कार्यक्रम का उद्देश्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आयोजित होने वाली बहु खेल प्रतियोगिता के लिए खिलाड़ियों को तैयार और प्रेरित करना था। बता दें क़ि पैरा ओलंपिक खेल शारीरिक रूप से अथवा मानसिक रूप से विकलांग खिलाड़ियों द्वारा खेले जाते हैं। इसका प्रचलन द्वितीय विश्वयुद्ध के समय घायल सैनिकों को फिर से मुख्यधारा में लाने के मकसद से शुरू किया गया था, जो आज भी जारी है। उन्होंने कहा क़ि भारत में 75,000 विशेष ओलंपिक एथलीटों की जांच एवं प्रशिक्षण का लक्ष्य पूरा कर लिया गया है और 78,000 से ज्यादा रजिस्ट्रेशन आज तक हो चुके हैं।
बता दें कि विशेष ओलंपिक भारत, एक मान्यता प्राप्त राष्ट्रीय खेल संघ, युवा मामले और खेल मंत्रालय के तहत
खेल के माध्यम से बौद्धिक विकलांग बच्चों और वयस्कों के खेल और अन्य जीवन कौशल के विकास के लिए काम करता है। जिसके संस्थापक अध्यक्ष एयर मार्शल डेन्ज़िल कीलोर (सेवानिवृत्त) हैं एवं इसकी अध्यक्ष डॉ. मल्लिका नड्डा हैं जिनके मार्गदर्शन एवं कुशल दिशानिर्देशन में यह संगठन विविध कार्यक्रम आयोजित करता है ।



