अजय कुमार मिश्रा को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद से ”तत्काल” हटाया जाए: “आप”

 

चार अक्टूबर आम आदमी पार्टी (आप) ने लखीमपुर खीरी हिंसा पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की चुप्पी पर सोमवार को सवाल उठाया और मांग की कि अजय कुमार मिश्रा को केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद से ”तत्काल” हटाया जाए ताकि उत्तर प्रदेश की घटना मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित हो सके। आप ने यह भी मांग की कि मिश्रा के बेटे को तुरंत गिरफ्तार किया जाए जो इस मामले में एक आरोपी है। किसानों के एक विरोध प्रदर्शन के दौरान हुई हिंसा में आठ व्यक्तियों की मौत हो गई।

आप ने उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा स्थिति से निपटने के तरीके पर सवाल उठाये और आरोप लगाया कि जिस तरह से इंटरनेट सेवाओं को अवरुद्ध किया गया है और विपक्षी नेताओं के साथ-साथ मीडियाकर्मियों को क्षेत्र में प्रवेश करने से रोका गया है, यह उस स्थिति की याद दिलाता है जो पिछले साल हाथरस में एक दलित लड़की से सामूहिक बलात्कार और हत्या के बाद सामने आयी थी।

आप के मुख्य प्रवक्ता सौरभ भारद्वाज ने दिल्ली में पार्टी मुख्यालय में एक संवाददाता सम्मेलन में कहा, ”स्पष्ट रूप से, यह हाथरस मॉडल है। राज्य सरकार और केंद्र सरकार, दोनों लखीमपुर खीरी हिंसा की घटना को छिपाने की कोशिश कर रहे हैं।”

उन्होंने आरोप लगाया कि लखीमपुर में हर कोई मिश्रा की आपराधिक पृष्ठभूमि के बारे में जानता है, जिन्होंने हाल ही में किसानों को खुली धमकी देकर उनसे उनकी पृष्ठभूमि का पता लगाने के लिए कहा था।

भारद्वाज ने कहा, ”जब लखीमपुर के लोगों ने मुझे बताया कि वह (मिश्रा) किस तरह की आपराधिक पृष्ठभूमि से आते हैं, तो मुझे आश्चर्य हुआ कि वह सांसद कैसे बन गए और यह कैसे संभव है कि प्रधानमंत्री ने उन्हें अपने मंत्रिपरिषद में शामिल किया। मिश्रा को तुरंत केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद से हटाया जाना चाहिए।”

उन्होंने कहा, ”मैं प्रधानमंत्री से पूछना चाहता हूं कि वह इस मामले पर चुप क्यों हैं? उन्होंने मिश्रा को अपने मंत्रिपरिषद से क्यों नहीं हटाया? हर विपक्षी नेता को वहां (लखीमपुर) जाने से क्यों रोका जा रहा है? इंटरनेट सेवाएं क्यों बंद कर दी गई हैं। यहां तक ​​कि लखीमपुर में किसी को फोन करना भी अब इतना मुश्किल हो गया है। ये सभी चीजें हमें हाथरस की घटना की याद दिलाती हैं।”

आप नेता ने कहा कि उनकी पार्टी लखीमपुर हिंसा के खिलाफ देशव्यापी विरोध प्रदर्शन शुरू करेगी और सोमवार को दिल्ली के जंतर-मंतर पर मोमबत्ती के साथ विरोध प्रदर्शन करेगी और यह मांग करेगी कि मिश्रा को मंत्रिपद से तत्काल हटाया जाए, उनके बेटे की गिरफ्तारी हो जो मामले में आरोपी है, इंटरनेट सेवाएं बहाल की जाए, उन सभी लोगों को अनुमति दी जाए जो लखीमपुर जाकर रविवार की हिंसा में मारे गए किसानों के परिवार के सदस्यों से मिलना चाहते हैं।

इससे पहले दिन में, आप सांसद संजय सिंह ने मांग की कि मिश्रा को तुरंत केंद्रीय गृह राज्य मंत्री के पद से हटाया जाना चाहिए ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि हिंसा की निष्पक्ष जांच हो।

आप नेता ने यह भी कहा कि उन्हें उत्तर प्रदेश के सीतापुर में पुलिस ने रोका जब वह रविवार को मारे गए किसानों के परिवार के सदस्यों से मिलने लखीमपुर खीरी जा रहे थे।

रविवार को किसानों के विरोध प्रदर्शन के दौरान भड़की हिंसा में आठ लोगों की मौत हो गई। इनमें से चार किसान कथित रूप से वाहन से कुचले गए जबकि एक काफिले में शामिल भाजपा के चार कार्यकर्ताओं को पीट पीट कर मार डाला गया। किसान नेताओं ने दावा किया है कि मंत्री के बेटे आशीष मिश्रा उन कारों में से एक में थे, जिससे उन्होंने कुछ प्रदर्शनकारियों को टक्कर मार दी थी।

हालांकि, अजय मिश्रा ने कहा कि वह और उनका बेटा मौके पर मौजूद नहीं थे जैसा कि कुछ किसान नेताओं ने आरोप लगाया है और इसे साबित करने के लिए उनके पास फोटो और वीडियो सबूत हैं। आप नेता सिंह ने यह भी मांग की कि अदालत की निगरानी में हिंसा की घटना की विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराई जाए। उन्होंने कहा कि हिंसा में मारे गए प्रत्येक किसान के आश्रितों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया जाना चाहिए और घटना में घायल हुए लोगों को भी उचित मुआवजा दिया जाना चाहिए।

सिंह ने यह भी मांग की कि केंद्र सरकार को उन तीन ”काले कृषि कानूनों” को वापस लेना चाहिए जिनके खिलाफ किसान पिछले 10 महीनों से विरोध कर रहे हैं।

उन्होंने सवाल किया, ”मामले में निष्पक्ष जांच कैसे की जा सकती है जब आरोपी के पिता, जिनके तहत सीबीआई और पुलिस आती है, अपने पद पर बने रहते हैं?” आप नेता ने कहा कि उन्हें पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने सीतापुर के बिसवां में तड़के करीब 2.30 बजे रोका जब वह हिंसा में मारे गए किसानों के परिवार के सदस्यों से मिलने और अपनी संवेदना व्यक्त करने लखीमपुर खीरी जा रहे थे। सिंह ने कहा, ”यह तानाशाही है। यह कितना दुर्भाग्यपूर्ण है कि एक सांसद हिंसा में मारे गए किसानों के परिवार के सदस्यों से नहीं मिल सकता और शोक व्यक्त नहीं कर सकता। मैं यहां से हटने वाला नहीं हूं। मैं यहीं रहूंगा।”

आप के वरिष्ठ नेता एवं दिल्ली के उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने पुलिस द्वारा सिंह को रोकने के बाद यह कहते हुए उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ पर निशाना साधा कि लखीमपुर हिंसा में मारे गए किसानों के परिवार के सदस्यों के आंसू उन पर भारी पड़ेंगे।

सिसोदिया ने हिंदी में ट्वीट किया, ”किसान मारे गए, और सांसद संजय सिंह, जो उन किसानों के परिवार के सदस्यों से मिलने और शोक व्यक्त करने के लिए जा रहे थे, उन्हें देर रात से सड़क किनारे रोक दिया गया है।” उन्होंने कहा, ”योगी जी, किसानों के परिवार वालों के आंसू आप पर भारी पड़ेंगे।

News Source : Lokmat News Hindi

Get real time updates directly on you device, subscribe now.

Leave A Reply

Your email address will not be published.

%d bloggers like this: