स्तम्भकार अमित राजपूत के नाम विश्व रिकॉर्ड

हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड तथा इण्डिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड में नाम दर्ज

ओपन सर्च, नई दिल्ली। ब्रॉडकास्टर एवं स्तम्भकार अमित राजपूत ने विश्व रिकॉर्ड बनाया है। लंदन के हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड ने अमित राजपूत के नाम विश्व के सबसे युवा स्तम्भकार होने का रिकॉर्ड दर्ज किया है। इसी के साथ स्तम्भकार अमित राजपूत की ख्याति अंतर्राष्ट्रीय पटल पर फैल गयी है और उन्होंने दुनियाभर में भारत का मान बढ़ाया है।दिलचस्प है कि आईआईएमसी के 2014-15 बैच से प्रशिक्षित पत्रकार अमित राजपूत को न सिफ़र् हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड ने उन्हें दुनिया का सबसे युवा स्तम्भकार घोषित किया है, बल्कि इण्डिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड ने भी उनका नाम अपनी रिकॉर्ड बुक में दज़र् किया है। इस तरह इण्डिया बुक ऑफ़ रिकॉर्ड तथा हार्वर्ड वर्ल्ड रिकॉर्ड में अपना नाम दर्ज कराने वाले अमित राजपूत भारत और भारत के बाहर वैश्विक स्तर पर बतौर दुनिया के सबसे युवा स्तम्भकार अपनी पहचान बनाने में कामयाब हुए हैं।
अमित राजपूत ने नई दिल्ली स्थित भारतीय जनसंचार संस्थान से पत्रकारिता का प्रशिक्षण लेने के बाद अपने कॅरिअर की शुरुआत आकाशवाणी-दिल्ली में प्रधानमंत्री के विशेष कार्यक्रम ‘मन की बातÓ के साथ की थी। आकाशवाणी में रहते हुए ही इन्होंने एफएम रेनबो इण्डिया तथा एफएम गोल्ड में भी अपनी सेवाएँ दीं। इसके साथ ही ये प्रसार भारती द्वारा आकाशवाणी व दूरदर्शन के बीच क्रॉस चैनल पब्लिसिटी व क्रॉस मीडिया पब्लिसिटी के गठित प्रोग्राम प्रमोशन यूनिट की स्क्रीनिंग कमेटी के सदस्य भी रहे। इसके बाद विभिन्न संस्थानों में पाँच वर्ष से अधिक समय से हाल ही तक अमित मेनस्ट्रीम मीडिया में सक्रिय रहे, किन्तु इन दिनों वह स्वतंत्र लेखन में सक्रिय हैं। आकाशवाणी से इनका जुड़ाव आज भी विभिन्न कार्यक्रमों के लेखन मसलन रेडियो रूपक, प्रोमो व नाट्य-लेखन आदि के जरिए लगातार बना हुआ है।
उत्तर प्रदेश के जनपद-फतेहपुर के कस्बा खागा में जन्में अमित राजपूत की ब्रॉडकास्टर व स्तम्भकार के अलावा एक संवेदनशील लेखक और नाटककार के रूप में भी पहचान है। अंतर्वेद प्रवर, जान है तो जहान है, आरोपित एकांत तथा हाल ही में प्रकाशित हुई- कोरोनानामा इनकी चर्चित पुस्तकें हैं। रंगकर्म में गहरी दिलचस्पी रखने वाले विश्व के सबसे युवा स्तम्भकार अमित राजपूत का नाटक- अनिरुद्ध अपने मंचन से पूर्व ही लगातार चर्चा में बना हुआ है। अमित के नाम विश्व रिकॉर्ड कायम होने से आईआईएमसी परिवार ने ख़ुशी जताई है।

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