Editorial : दिल्ली से चंडीगढ़ हाईवे पर टोल प्लाजा की समस्याएं
Editorial: Problems of toll plaza on Delhi to Chandigarh highway

Editorial : दिल्ली से चंडीगढ़ हाईवे उत्तर भारत के सबसे व्यस्त राजमार्गों में से एक है, जिस पर प्रतिदिन हजारों वाहन चलते हैं। लेकिन टोल प्लाजा पर होने वाली अनावश्यक देरी, अव्यवस्था और बढ़ती टोल दरों के कारण यात्रियों को भारी कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।
लंबी कतारें और अनावश्यक देरी
दिल्ली-चंडीगढ़ हाईवे पर कई टोल प्लाजा मौजूद हैं, लेकिन इनमें से अधिकांश पर वाहन चालकों को काफी लंबा इंतजार करना पड़ता है। यह स्थिति तब और भी गंभीर हो जाती है जब किसी कारणवश टोल प्लाजा पर तकनीकी खराबी आ जाती है। लंबी कतारों के कारण न केवल यात्रियों का समय बर्बाद होता है, बल्कि वाहनों का ईंधन भी अधिक खर्च होता है।
फास्टैग प्रणाली की खामियां
सरकार ने टोल प्लाजा पर डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के लिए फास्टैग प्रणाली लागू की थी, लेकिन इसके बावजूद कई टोल प्लाजा पर तकनीकी समस्याएं देखने को मिलती हैं। कई बार स्कैनर काम नहीं करते या सर्वर डाउन हो जाता है, जिससे फास्टैग होने के बावजूद वाहनों को रोका जाता है। इससे टोल प्लाजा पर अनावश्यक भीड़ लग जाती है और यातायात बाधित होता है।
बढ़ती टोल दरें और घटिया सड़कें
पिछले कुछ वर्षों में टोल दरों में लगातार वृद्धि हुई है, लेकिन इसके बदले में सुविधाओं में कोई विशेष सुधार नहीं देखा गया है। हाईवे पर कई जगह सड़कें खराब हालत में हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। सवाल यह उठता है कि जब सरकार यात्रियों से भारी टोल वसूल रही है, तो फिर सुविधाएं बेहतर क्यों नहीं की जा रही है।
टोल प्लाजा पर अव्यवस्था के कारण कई बार एंबुलेंस और आपातकालीन सेवाओं को भी जाम में फंसना पड़ता है। यह न केवल मरीजों के लिए घातक साबित हो सकता है बल्कि यह भी दर्शाता है कि हमारे बुनियादी ढांचे में सुधार की कितनी आवश्यकता है।
टोल प्लाजा पर पर्याप्त संख्या में फास्टैग स्कैनर लगाए जाएं और तकनीकी दिक्कतों को दूर करने के लिए नियमित रूप से उनकी जांच की जाए। प्रत्येक टोल प्लाजा पर अतिरिक्त लेन बनाई जाए ताकि ट्रैफिक जाम से बचा जा सके। टोल दरों की समीक्षा की जाए और सुनिश्चित किया जाए कि बढ़ी हुई टोल फीस के बदले यात्रियों को बेहतर सड़कें और सुविधाएं मिलें।
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आपातकालीन सेवाओं के लिए एक अलग ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाए, जिससे एंबुलेंस और पुलिस वाहन बिना किसी रुकावट के गुजर सकें अगर इन समस्याओं को जल्द ही हल नहीं किया गया, तो यात्रियों का सरकार और प्रशासन से भरोसा उठ जाएगा।



