Editorial : गांधी की विराटता

Editorial: Gandhi's greatness

Editorial:  लॉर्ड माउंटबेटन कहा करते थे कि इतिहास में महात्मा गांधी को गौतम बुद्ध और ईसा मसीह के बराबर देखा जाएगा। बौद्ध गुरु दलाई लामा के शब्दों में, गांधी जी एक ऐसे महान व्यक्ति थे, जिन्हें मानवता की समझ थी। उनकी जिंदगी ने मुझे बचपन से ही प्रेरित किया है।

जवाहर लाल नेहरू की सोच थी कि इस देश में जो लौ महात्मा गांधी के रूप में रोशन हुई, वह साधारण नहीं थी। यह लौ आने वाले हजारों सालों तक भी राह दिखाती रहेगी। महात्मा गांधी को कुछ लोग विचारो के रूप मानते है तो कुछ लोग नोटो पर गांधी जी का चित्र छपा होने के कारण उन्हे सीने से लगाकर रखते है। यानि हर किसी को किसी न किसी रूप में गांधी हमेशा याद रहते है।

ससांर का प्रत्येक व्यक्ति सोचता है कि गांधी जी एक उत्तम व्यक्ति थें तो उन्हे क्यों मार डाला गया, यह सवाल अनेक लोगों ने उठाया भी, इसका जवाब है कि कुछ लोग नही चाहते कि देश दुनिया में भले लोगो का वजूद कायम रहे इसी कारण कुछ सिरफिरे ऐसे महानतम लोगो के भी दुश्मन बन जाते है।

गांधी की विराटता को लेकर अल्बर्ट आइंस्टीन ने कहते थे कि आने वाली पीढ़ियों को इस बात पर विश्वास करना मुश्किल होगा कि गांधी जैसा कोई व्यक्ति इस धरती पर चला करता था। महात्मा गांधी विश्व के ऐसे महान नायक थे जो धोर तपष्चर्या का जीवन व्यतीत करते थे।

करोडों देशवासी उन्हे महान सन्त मानते थे। गांधी के परामर्श देश के लिए सदा सहायक सिद्ध हुए। जिनके बल पर देश को आजादी प्राप्त हुई। अपने देश के लोगों की नज़रों में भी महात्मा गांधी शीर्ष स्तर पर छाये रहे। प्रथम प्रधानमन्त्री पण्डित जवाहर लाल नेहरू उन्हे एक उच्च सिद्धान्तवादी और सत्य का अनुयायी सन्त मानते थे।

उनकी नजर में गांधी जनता की नब्ज को खूब पहचानते थे, वे कहा करते थे कि वास्तव में यदि कोई सार रूप में भारत का प्रतिनिधित्व करने में योग्य था तो वह सिर्फ और सिर्फ महात्मा गांधी थे। देश और दुनिया के लिए महात्मा गांधी उन महान व्यक्तित्वों में से एक थें जो अपने विश्वास पर हिमालय की तरह अटल और दृढ़ रहते थे।

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