स्वामी विवेकानंद के मात्र शब्द नहीं जीवन भी अनुकरणीय – निखिल यादव

16 मार्च , 2022 को विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी की दिल्ली शाखा की संरचना Young India : Know Thyself (यंग-इंडिया: खुद को जानें – एक नेतृत्व विकास कार्यक्रम) के तहत अपना पहला उन्मुखीकरण कार्यक्रम (वर्कशॉप) आयोजित किया। विवेकानंद केंद्र उत्तर प्रान्त के युवा प्रमुख श्री निखिल यादव ने दिल्ली विश्वविद्यालय के अनेकों कॉलेज से आए छात्रों जिसमें देशबंधु , महाराजा अग्रसेन मुख्य थे उनको को संबोधित करते हुए कहा कि ” स्वामी विवेकानंद के मात्र शब्द नहीं जीवन भी अनुकरणीय । उन्होंने अपने भाषण में कहा कि ” चाहे वह स्वामी जी के विद्यार्थी दिनों का समय हो या बाद में परिव्राजक जीवन का मुश्किलों , कठिनाइयों , चुनौतियों ने उनका साथ कभी नहीं छोड़ा। लेकिन वह भी न कभी डरे ना कभी घबराये उन्होंने हर चुनौती का सामना डट कर किया और हर जगह विजय पाई। इसलिए सिर्फ उनके शब्द ही नहीं जीवन भी अनुकरणीय है। Young India : Know Thyself कार्यक्रम ” मनुष्य निर्माण से राष्ट्र पुनरुत्थान के कार्य में युवाओं को तैयार करने में पिछले अनेकों वर्षो से लगा है।

दिल्ली विश्वविद्यालय से आए हुए विद्यार्थियों ने बड़ी संख्या में उत्साह के साथ भाग लिया। कार्यशाला में खेलो से शारीरिक और मानसिक चेतना को बल प्रदान किया गया । जिसके बाद एक रोचक ग्रुप स्किट प्रेसेंटेशन का कार्यक्रम रखा गया, जिसके विषय रहे – आत्मनिर्भर भारत और डिजिटल इंडिया। सभी ने अपने अपने गण के साथ मिलकर केवल 15 मीन में, 3 मीन की नाटकीय प्रस्तुति तैयार कर बेजिझक सबके सामने प्रस्तुत किया।व्यक्तित्व विकास के लिए पर्याप्त चिंतन मनन की आवश्यकता को देखते हुए एक समूह चर्चा (ग्रुप डिस्कशन) का आयोजन किया गया, जिसका विषय ‘स्वयं को जानने की आवश्यकता क्या है?’ यह रखा गया। सभी को इस विषय पर श्री निखिल यादव जी (प्रान्त युवा प्रमुख, विवेकानंद केंद्र ,उत्तर प्रान्त) द्वारा मार्गदर्शन प्राप्त किया।विषय को एक संक्षिप्त और सरल रूप से युवाओं तक पहुंचआने के इस प्रयास के साथ ही कार्यक्रम का सफलतापूर्वक समापन किया गया।



