नशा मुक्ति के लिए नशा करने वाले लोगों से दूरी बनाएं

To get rid of drug addiction, stay away from drug addicts

नशे के बारे में पीढ़ी दर पीढ़ी परम्परावादी मनगढ़ंत झूठ भी हमारे समाज में खूब फैला है, ढूंढने से हजारों बहाने मिल जाते है, नशेड़ियों का समाज में कोई सम्मान नहीं होता। नशा सिर्फ बर्बादी देता है और नशा कभी भी छोड़ा जा सकता है, केवल इच्छाशक्ति प्रबल होना आवश्यक है। जीवन के प्रति अपना नजरिया बदलें, नशे में अपना जीवन बर्बाद न करें। दृढ़ संकल्प, सकारात्मक सोच, जिम्मेदारी की भावना और खुशनुमा माहौल हमें नशे से छुटकारा पाने में मदद करते हैं। नशा मुक्ति के लिए सबसे पहले नशा करने वाले लोगों से दूरी बनाएं। आज के आधुनिक युग में नशे को बढ़ावा देने के लिए और युवाओं को आकर्षित करने के लिए हुक्का पार्लर का ट्रेंड भी खूब फलफूल रहा है, तंबाकू द्वारा बीमारियों से तड़पकर समय से मरने से अच्छा है कि वक्त रहते संभल जाएं और तंबाकू छोड़ें। अभिभावक अपने बच्चों के व्यवहार और दिनचर्या पर विशेष ध्यान दें, छात्रों में नशे की लत बेतहाशा बढ़ रही है। विश्व स्वास्थ्य संगठन अनुसार, साल 2017 में धूम्रपान संबंधित मौतें 80 लाख थी। 1.6 करोड़ अमेरिकी वयस्क धूम्रपान से जुड़ी बीमारी से पीड़ित हैं, अमेरिका में हर साल तंबाकू से 480,000 से अधिक लोग मरते हैं। भारत में तंबाकू के उपयोग का सबसे प्रचलित रूप धुआं रहित तंबाकू है और आमतौर पर इस्तेमाल की जाने वाली खैनी, गुटखा, तंबाकू के साथ सुपारी और जर्दा हैं। भारत में हर साल लगभग 13.5 लाख लोगों की मौत का कारण तंबाकू बनता है। भारत में लगभग 90 प्रतिशत मुँह के कैंसर का कारण धुंआ रहित तंबाकू का सेवन है और 27 प्रतिशत कैंसर तंबाकू के सेवन से होते है। धूम्रपान करनेवाले की गलती का खामियाजा धूम्रपान नहीं करनेवाले आबादी को अपनी मौत देकर चुकानी पड़ती है, फिर भी लोग तंबाकू का सेवन नहीं छोड़ते है।

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