Editorial : अमेरिकी राजदूत का सराहनीय विचार
Editorial: Commendable idea of the American Ambassador

Editorial: अमेरिकी राजदूत ने भारतीय मूल के लोगों की तारीफ किया कि भारतीय मूल के लोग पूरी दुनिया में अपना जलवा बिखेर रहे हैं। अमेरिका में तो जितनी भी दिग्गज कंपनियां हैं, उसकी कमान भारतीय मूल के सीईओ के पास ही है। अमेरिकी राजदूत ने अमेरिका में रहने वाले भारतीय प्रवासियों की खूब प्रशंसा की और अमेरिका के विकास में उनके योगदान को सराहा और कहा कि भारतीयों ने अमेरिका में जाकर बड़ा बदलाव किया है। गूगल से लेकर माइक्रोसॉफ्ट तक की कमान भारतीय मूल के व्यक्तियों के हाथ में ही है। गूगल यानि अल्फाबेट की कमान सुंदर पिचाई के पास है।
माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ सत्या नडेला हैं। एडोबी के सीईओ भी भारतीय मूल के शांतनु नारायण हैं। यूट्यूब का जिम्मेदारी भी भारतीय मूल के नील मोहन के हाथों में है। आईबीएम के सीईओ भीभारतीय मूल के अरविंद कृष्णा हैं। दिग्गज अमेरिकी फार्मा कंपनी नोर्वाटिस के सीईओ भी भारतीय मूल के वसंत नरसिम्हन हैं। अमेरिकी वीजा के लिए भारत में वेटिंग टाइम 250 दिन है। उन्होंने भारतीय छात्रों के लिए अमेरिका को बेहद सुरक्षित देश बताया है। उन्होंने कहा अमेरिका भारतीय छात्रों के लिए बेहद सुरक्षित देश है और अमेरिका भारतीय छात्रों की परवाह करता है।
उन्होंने माता-पिता को आश्वासन देते हुए कहा कि आप हमेशा यह समझें कि भारतीय बच्चे हमारे हैं। सिर्फ 2023 में, कुल मिलाकर भारतीय नागरिकों को रिकॉर्ड 1.4 मिलियन अमेरिकी वीजा दिया गया। जब राजदूत से पूछा गया कि क्या उन्हें 2024 में वीजा एप्लीकेशन्स की तादाद में और बढ़ोतरी की उम्मीद है, तो उन्होंने कहा कि यह संख्या हर साल बढ़ रही है। अमेरिका के राजदूत ने अमेरिका में रह रहे भारतीय मूल के लोगों की प्रशंसा करते हुए कहा कि अमेरिकी कंपनी का सीईओ बनने के लिए भारतीय मूल का होना आवश्यक है। भारतीय मूल के लोग पूरी दुनियां में अपना जलवा बिखेर रहे हैं।



