Editorial : अपनी मर्यादाओं को भूल जाते हैं नेता

Editorial: Leaders forget their limits

Editorial : अपनी मर्यादाओं को भूल जाते हैं नेता

Editorial : सभी पार्टी के नेताओं लोकसभा चुनाव 2024 की तैयारियों में पूरी जी जान से लगे हुए हैं। प्रत्येक पार्टी कुछ नया दिखाने के प्रयास में अग्रसर है। बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री राजद नेता तेजस्वी यादव के एक वीडियो ने बिहार की सियासत में खानपान को लेकर धमाल मचा रखा है। बिहार क्या देशभर में इस विडियो की चर्चा हो रही है।

हुआ यह कि तेजस्वी यादव ने वीआईपी प्रमुख मुकेश साहनी के साथ नवरात्र के पहले ही दिन मछली खाते हुए का एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। फिर क्या था, सोशल मीडिया में इस विडियो को लेकर बवाल मच गया। सब अपनी-अपनी राजनैतिक रोटियां सेंकने लगे। मुकेश सहनी वीडियो में ही विरोधियों को चिढ़ाते हुए कहते हैं कि उनके इस वीडियो के बाद कुछ लोगों को मिर्ची लगेगी और हुआ भी कुछ ऐसा ही। यह वायरल वीडियो केवल भाजपा के नेताओं या कार्यकर्ताओं ने ही नहीं देखी अपितु उन करोड़ो-करोड़ों भारतीयों ने भी देखी है जो अपनी अध्यात्मिकता को राजनीति से कोसों दूर रखते हैं।

उन्होंने भी देखी है जिन्होंने न भाजपा से कुछ लेना ना विपक्षी पार्टियों से। उन सबको तुम्हारी यह असभ्यता क्यों न खले, उन सब तटस्थ भारतीयों को तुम्हारे इस दैत्य कार्य से मिर्ची क्यों न लगे। एक सर्वे के अनुसार 2014 में बिहार में 92.45 प्रतिशत लोग मांसाहारी थे। तेलंगाना सबसे ऊपर था, जहां 98.7 प्रतिशत लोग मांसाहारी थे।

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दिल्ली में 63.2 प्रतिशत लोग नॉनवेज खाते हैं, उत्तर प्रदेश में 55 प्रतिशत लोग, मध्य प्रदेश में 51 प्रतिशत लोग नॉनवेज खाते हैं, महाराष्ट्र में 59 प्रतिशत लोग नॉनवेज खाते हैं। राजस्थान देश का इकलौता राज्य है, जहां सबसे कम आबादी मांस खाती है। डेटा के मुताबिक राजस्थान में महज 31.04 फीसदी आबादी मांस खाती है। देश के 16 राज्यों में लगभग 90 प्रतिशत लोग मीट मछली या चिकन खाते हैं किंतु ये आश्चर्यजनक आँकडे नियमित माँस खाने वालों के नहीं हैं।

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देश में कितने लोग शाकाहारी है अथवा कितने माँस खाते हैं, बात यह नहीं है। नि:संदेह देश की बड़ी आबादी माँसाहारी हैं किंतु यह भी सच है कि नवरात्रे जैसे पावन पर्व पर ये लोग त्यौहारों का व समाज की आस्था का सम्मान करते हैं और इन विशेष अवसरों पर माँस के सेवन से बचने का प्रयास करते हैं तो राजद नेता तेजस्वी यादव नवरात्रे में दिखा-दिखाकर फिर किस आबादी को तुष्ट करने का प्रयास कर रहे थे तथा किस आबादी को मिर्च दिखाकर इशारा कर रहे थे। आईक्यू टेस्ट करने के लिए क्या थाली में परोसी गई मछली को उठाकर दिखाना आवश्यक था। हमारे देश में एक मान्यता रही है कि भजन, भोजन व व्यायाम पर्दें में ही श्रेष्ठ है।

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