अपने आप को,  स्वामी विवेकानंद और भारत को जानने का सबसे अच्छा माध्यम है Young India : Know Thyself कार्यक्रम

सोमवार को विवेकानंद केंद्र , कन्याकुमारी ,दिल्ली शाखा में Young India :Know Thyself कार्यक्रम का प्रक्षेपण कार्यक्रम विवेकानंद केंद्र के चाणक्यपुरी कार्यालय में हुआ। विवेकानंद केंद्र कन्याकुमारी , उत्तर प्रान्त के प्रान्त युवा प्रमुख श्री निखिल यादव ने बताया की इस कार्यक्रम में दिल्ली विश्वविद्यालय , जवहारलाल नेहरू विश्वविद्यालय , कथक केंद्र और अन्य संस्थाओं के लग – भाग 100 से भी अधिक शिक्षक और विद्यार्थी उपस्थित रहे। कार्यक्रम में मुख्य मार्गदर्शन प्रोफेसर सुनील सोंधी जी जो महाराजा अग्रसेन कॉलेज के प्रधानाचार्य रह चुके है उनका रहा ।

श्री निखिल यादव ने यह भी बताया की इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य है युवाओं के अंदर उद्देश्य पूर्ण जीवन जीने के लिए प्रेरित करना। युवा अपने आप को पहले जाने , फिर अपनी शक्ति को समझे और राष्ट निर्माण में अपना योगदान दे , वरना हम देखते है की उद्देश्य हीन जीवन कैसे युवाओं को दिशाहीन कार्य में ले जाता है। यह प्रक्षेपण कार्यक्रम विवेकानंद केंद्र दिल्ली शाखा के आधुनिक कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित किया गया। कार्यक्रम प्राथना के साथ शुरू हुआ जिसमें शान्ति पाठ ,ऐक्य मंत्र हुआ उसके बाद ” कार्यकर्ता साधना है ” गीत गाया गया गीत के पश्चात विवेकानंद केंद्र उत्तर प्रान्त के प्रांत युवा प्रमुख श्री निखिल यादव ने स्वामीजी के विचार को बताया माननीय एकनाथ रानाडे जी जो की विवेकानंद केंद्र के संस्थापक थे उनके बारें में बताया की उनका उद्देश्य केवल स्वामीजी का शिला स्मारक बनने तक नहीं था बल्कि उनके विचारो को देश के सभी लोगो तक पहुंचना भी था। फिर उन्होंने बताया की Young India :Know Thyself का क्या अर्थ है ?इसका इतिहास क्या है ? इसकी आवश्यकता क्या है ? जिसको सभी लोगो ने बड़े ध्यान से सुना और समझा। पिछले वर्ष से जुड़े हुए युवाओं ने भी अपने अनुभव सभी को बताये की अभी तक का उनका अनुभव कैसा रहा क्या-क्या चीजे सिखने को मिली, खुद को समझने का मौका मिला खुदकी क्षमता को जान ने को मिला,उसके बाद Young India :Know Thyself की पूरी प्रक्रिया के बारें में बताया की किस प्रकार से युवाओ तक स्वामीजी का सन्देश लेकर जाया सकता है और उन्हें इस कार्यक्रम का हिस्सा बनाया जा सकता है कार्यक्रम के सभी चरणों को उन्होंने अच्छे से समझाया की पंजीकरण की क्या विधि है और उसके पश्चात् क्या करना है सभी चीजे बड़े ही विस्तार रूप से बताई गयी उसके बाद मुख्य अतिथि श्री सुनील सोंधी जी ने अपने शब्दो से कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगो का मार्गदर्शन किया उन्होंने बताया की उन्हें यहाँ आकर बहुत ख़ुशी हुई। उन्होंने यह भी कहा की ये कार्यक्रम बहुत ही महत्वपूर्ण है युवाओ के लिए ताकि वे खुदको जान सके खुदकी क्षमताओं को समझ सके और कम से कम अपने जीवन को सही दिशा में ले जा सके इसके लिए सभी को मेहनत करनी पड़ेगी ।अंत में कार्यक्रम को शान्ति मंत्र के साथ समाप्त किया गाया।

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