पार्टी को सर्वव्यापी बनाने मे प्रकोष्ठों की भूमिका महत्वपूर्ण — योगेंद्र राणा

करनाल, आशुतोष गौतम। भाजपा (BJP) जिला कार्यालय मे श्याम सिंह राणा जिला संयोजक उत्तराखंड प्रकोष्ठ की अध्यक्षता मे उत्तराखंड प्रकोष्ठ की बैठक का आयोजन किया गया। जिसमें भाजपा उत्तराखंड प्रकोष्ठ के करनाल जिला के मंडल संयोजकों व सह संयोजकों की घोषणा की गई। इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप मे उपस्थित भाजपा जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा ने कार्यकर्ताओं को अपनी जिम्मेदारियों का ईमानदारी से निर्वाह करने का पढाते हुए कहा कि पार्टी ने आप सभी कार्यकर्ताओं की काबिलियत को ध्यान में रखते हुए जो जिम्मेदारियों को सोंपा है आप सभी उनका ईमानदारी से निर्वाह करें।
बैठक मे जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा ने उपस्थित सभी कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यप्रणाली एवं प्रकोष्ठ की भूमिका के बारे में चर्चा की तथा प्रकोष्ठों के कार्यों के बारे में बताया। उन्होंने इस अवसर पर यह भी कहा कि प्रकोष्ठ व विभाग संगठन की महत्वपूर्ण ईकाई है तथा पार्टी को सर्वव्यापी बनाने के लिए प्रकोष्ठों की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने सभी प्रकोष्ठों के संयोजकों व सह-संयोजकों से आह्वान किया कि पार्टी की रीति-नीति को लोगों तक पहुंचाने के साथ-साथ पार्टी की मजबूती के कार्य करें। इस अवसर पर योगेंद्र राणा ने कहा कि सुशासन हमारा मंत्र और अंत्योदय हमारा लक्ष्य है। हमारे लिए व्यक्ति से बड़ा दल और दल से बड़ा देश है। भारत कैसे श्रेष्ठ बने इसी सोच के को लेकर हमें लोगों के बीच जाकर काम करने हैं। मंडल संयोजकों मे अर्बन मंडल का संयोजक दीपक, शहरी मंडल मुकेश, रामनगर सुनीता बिष्ट व अन्य मंडलों मे इन्द्री वासूदेव नौटियाल, गढीबीरबल सौकार सिंह नैगी, कुजंपुरा देव सिंह रावत, वीरेंद्र सिंह रावत, निगदू गणेश मैहरा, नीसिंग धन सिहं, घरोंडा ध्यान सिंह, बरसत राजेंद्र पंवार, मोदीपुर अजमेर सिंह, असंध सचिन पायल, बल्ला दर्शन सिंह रावत, जुण्डला गोविंद बिष्ट, जलमाना होशियार सिंह रावत को मंडल संयोजक घोषित किया गया। इस मौके पर जिलाध्यक्ष योगेंद्र राणा के अतिरिक्त जिला महामंत्री सुनील गोयल, उत्तराखंड प्रकोष्ठ के जिला संयोजक श्याम सिंह राणा एडवोकेट, जिला सह संयोजक सुरेंद्र सिंह रावत, जिला सह संयोजक भोपाल सिंह नेगी, देवेंद्र सिंह नेगी, प्रदेश सह संयोजक उत्तराखंड प्रकोष्ठपूर्ण चंद पाथरी प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य उत्तराखंड प्रकोष्ठ, गीता शर्मा मीडिया प्रमुख उत्तराखंड प्रकोष्ठ मौजूद रहे।



