बापू के आदर्शों पर चलते तो ‘आत्मनिर्भर भारत’ की जरूरत नहीं होती: मोदी

नयी दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ में रविवार को राष्ट्रपिता महात्मा गांधी और पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री को स्मरण करते हुये कहा कि यदि हम राष्ट्रपिता के आदर्शों पर चले होते तो आज ‘आत्मनिर्भर भारत अभियान’ की जरूरत नहीं होती। श्री मोदी ने इस मासिक रेडियो कार्यक्रम में कहा कि दो अक्टूबर हम सबके लिए पवित्र और प्रेरक दिवस होता है। यह दिन माँ भारती के दो सपूतों, महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री को याद करने का दिन है। उन्होंने कहा “पूज्य बापू के विचार और आदर्श आज पहले से कहीं ज्यादा प्रासंगिक हैं। महात्मा गांधी का जो आर्थिक चिन्तन था, अगर उस भावना को पकड़ा गया होता, समझा गया होता, उस रास्ते पर चला गया होता, तो आज आत्मनिर्भर भारत अभियान की जरूरत ही नहीं पड़ती।” प्रधानमंत्री ने कहा कि गांधी जी के आर्थिक चिंतन में भारत की नस-नस की समझ थी, भारत की खुशबू थी। पूज्य बापू का जीवन हमें याद दिलाता है कि हमारा हर कार्य ऐसा हो, जिससे ग़रीब से ग़रीब व्यक्ति का भला हो। उन्होंने कहा कि शास्त्री जी का जीवन हमें विनम्रता और सादगी का संदेश देता है।

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