कैलाश गहलोत ने सीसीआई के संस्थागत भवनों की ढांचागत अपर्याप्तता और रखरखाव पर चिंता व्यक्त की

नई दिल्ली, 16 जुलाई 2022। दिल्ली के महिला एवं बाल विकास मंत्री श्री कैलाश गहलोत ने आज ‘विश्व अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस’ के अवसर पर पूर्वोत्तर जिले के संस्कार आश्रम परिसर में आयोजित कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के दौरान उन्होंने बच्चों के साथ बातचीत की और उन्हें शैक्षिक किट के साथ स्कूल बैग भेंट किए। उन्होंने संस्कार आश्रम में बच्चों के अकादमिक प्रदर्शन की सराहना की और कहा कि परिवारों से बिछड़े या अनाथ हुए बच्चों को उनके विकास और स्वस्थ पालन-पोषण के अधिकारों से वंचित नहीं किया जाना चाहिए।
संस्कार आश्रम परिसर में स्थित बाल गृह में बाल कल्याण समिति के आदेश से 18 वर्ष से कम उम्र की लड़कियों और लड़कों को रखा गया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने दिल्ली भर में 26 ऐसे बाल देखभाल संस्थानों (सीसीआई) की स्थापना की है और उनके रखरखाव का इंतज़ाम किया है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने दिल्ली भर में ऐसे कम से कम 74 गैर सरकारी संगठनों द्वारा संचालित संस्थानों को पंजीकरण दिया है। 30.06.2022 तक इन संस्थानों में बच्चों की उपस्थिति 3104 थी। वित्तीय वर्ष 2021-22 में कुल 7132 बच्चों को इन चाइल्ड केयर संस्थानों में भर्ती कराया गया था, जिनमें से 5805 बच्चों को रिहा कर उनके परिवारों को सौंप दिया गया है।

इस तरह के सरकारी संस्थान लाजपत नगर, हरि नगर, अलीपुर, किंग्सवे कैंप, दिल्ली गेट, मजनू का टीला और दिलशाद गार्डन में सात अलग-अलग स्थानों पर स्थित हैं। महिला एवं बाल विकास मंत्री श्री कैलाश गहलोत ने इन परिसरों में संस्थागत भवनों की ढांचागत अपर्याप्तता और रखरखाव पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने सभी सीसीआई का ढांचागत मूल्यांकन कराने के निर्देश दिए । उन्होंने कहा कि इन संस्थानों में रखे गए बच्चों को घर जैसा महसूस हो और जब तक परिवार या गोद लेने के लिए कोई नहीं मिल जाता है, तब तक मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व में दिल्ली सरकार उनके अभिभावक के रूप में सभी जिम्मेदारियों को उपचारात्मक देखभाल प्रदान करेगी और उनकी रक्षा करेगी। उन्होंने किशोर न्याय प्रणाली के तहत बच्चों के लिए एकीकृत कल्याण परिसर विकसित करने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने आगे कहा कि संस्थागत देखभाल की आवश्यकता वाले बच्चों के लिए अत्याधुनिक एकीकृत परिसर की योजना विशेषज्ञों, वास्तुकारों और पीडब्ल्यूडी के परामर्श से तैयार की जानी चाहिए ताकि इसे देश में एक मॉडल के रूप में विकसित किया जा सके।
महिला एवं बाल विकास मंत्री श्री कैलाश गहलोत ने उत्तर-पूर्व और शाहदरा जिले के 17 ऐसे अनाथ बच्चों को राशन और शैक्षिक किट के साथ स्कूल बैग का उपहार दिया। इन बच्चों को देखभाल करने वाले परिवारों के बोझ को कम करने और उनकी बुनियादी जरूरतों को पूरा करने के लिए प्रायोजन सहायता भी प्रदान की गई है।
अंतर्राष्ट्रीय न्याय के लिए अंतर्राष्ट्रीय न्याय दिवस हर साल 17 जुलाई को दुनिया भर में अपराध के पीड़ितों के अधिकारों और पुनर्स्थापनात्मक न्याय को बढ़ावा देने के लिए मनाया जाता है। किशोर न्याय प्रणाली के तहत आने वाले बच्चे ज्यादातर अपराध के शिकार पाए जाते हैं, वे अक्सर कठिन परिस्थितियों का अनुभव करते हैं और उपेक्षा, शोषण और अभाव के शिकार होते हैं।
महिला एवं बाल विकास मंत्री कैलाश गहलोत ने विभाग के अधिकारियों एवं जिलाधिकारी को हर संभव प्रयास करने के निर्देश दिये कि कोई भी बच्चा जो कठिन परिस्थिति में पाया जाता है, उसे सुरक्षा दिया जाए। उन्होंने कहा कि जिला मजिस्ट्रेट जिले में नोडल प्राधिकरण हैं और उन्हें भेद्यता को कम करने और बच्चों के हितों की रक्षा करने का प्रयास करना चाहिए।



