जरनैली कॉलोनी में खोला नशा मुक्ति केन्द्र, उपायुक्त ने किया निरीक्षण, सुविधाओं का लिया जायजा

करनाल, आशुतोष गौतम। नशा मुक्त भारत अभियान (Drug Free India Campaign) को लेकर गठित जिला स्तरीय कमेटी के चेयरमैन एवं उपायुक्त निशांत कुमार यादव ने मंगलवार को शहर की जरनैली कॉलोनी में डॉ. सोनी (दिमागी मानसिक व नशा रोग विशेषज्ञ) के नाम से खोले गए नशा मुक्ती केन्द्र का निरीक्षण किया। उनके साथ सिविल सर्जन डॉ. योगेश शर्मा, डिप्टी सिविल सर्जन एवं इस अभियान की नोडल डॉ. सिम्मी कपूर, मनोरोग विशेषज्ञ डॉ. मनन, पी.डब्ल्यू.डी. बी. एंड आर. के कार्यकारी अभियंता आर.के. नैन और कमेटी के सदस्य सचिव एवं जिला समाज कल्याण अधिकारी सत्यवान ढिलौड़ भी थे।
विजिट में उपायुक्त ने नशा मुक्त रोगियों के उपचार के लिए मौजूद सुविधाएं तथा लोक निर्माण विभाग के नियमानुसार भवन का इन्फ्रास्ट्रक्चर जैसी चीजों का निरीक्षण किया। बता दें कि कोई भी निजी चिकित्सक सभी जरूरी औपचारिकताओं के साथ इस तरह का केन्द्र खोल सकता है, लेकिन उसके लिए 6 महीनो में सरकार से लाईसेंस प्राप्त करना जरूरी होता है। इसे लेकर उपायुक्त ने सम्बंधित कमेटी को निर्देश दिए कि लाईसेंसिंग प्रक्रिया के लिए सरकार को इस केन्द्र की रिपोर्ट भेज दी जाए। जिला के असंध, निसिंग, घरौंडा और इन्द्री में भी खुलेंगे नशा मुक्ति केन्द्र-उपायुक्त ने संकेत दिए कि जिला के असंध, निसिंग, घरौंडा व इन्द्री उप मण्डल के सरकारी अस्पताल/सी.एच.सी. में नशा मुक्ति केन्द्र खोले जाएंगे। इनमें नशे के आदि व्यक्ति का उपचार एवं उनका पुनर्वास किया जाएगा। इसके लिए उन्होंने सी.एम.ओ. को निर्देशित किया कि असंध और निसिंग पर ज्यादा फोकस रखा जाए। इससे जिला में नशा मुक्ति केन्द्रों की संख्या बढ़ेगी। फिलहाल शहर के सरकारी अस्पताल, अमृतधारा निजी अस्पताल, असंध स्थित गोल्डन फ्यूचर नशा मुक्ति केन्द्र और दरड़ गांव में एक एनजीओ की ओर से खोले गए प्रेरणा नशा मुक्ति केन्द्र मौजूद हैं।
नशा मुक्त अभियान की जागरूकता के लिए इसे जन-जन तक ले जाएंगे- उपायुक्त ने बताया कि पिछले दो सालो से नशा मुक्त भारत अभियान को आगे बढ़ाने के लिए प्रयास जारी हैं। इसमें सरकारी तंत्र के साथ एनजीओ का सहयोग भी मिल रहा है। अभियान में अब तक जागरूकता रैलियां, स्कूल व कॉलेजो में सेमीनार, डॉ. मंगलसेन ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय सेमीनार किए जा चुके हैं। हाल ही में जिला प्रशासन और एक एनजीओ ने मिलकर नई अनाज मण्ड़ी में नशा मुक्त भारत का एक बड़ा कार्यक्रम किया था, जिसमें प्रदेश के मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को सम्बोंधित कर नशे से दूर रहने का संकल्प करवाया था। उन्होंने कहा कि जल्द ही अभियान को धार देने के लिए जिला की एनजीओ विशेषकर अर्पणा चैरिटेबल ट्रस्ट तथा सरकारी विभागों के सहयोग से आगे बढ़ाया जाएगा और आगामी 15 अगस्त तक इसे पूरे जिला में लेकर जांएगे, जिसमें हर गांव, कस्बा व शहर कवर करेंगे, ताकि आम जनता को नशा के दुष्परिणामो से अवगत कराया जा सके। उन्होंने कहा कि नशे के दुष्प्रचार के खिलाफ केन्द्र और राज्य सरकार गम्भीरता से काम कर रही हैं।
नशा मुक्त भारत अभियान में चयनित प्रदेश के 10 जिलो में करनाल भी है शामिल- उपायुक्त ने बताया कि 26 जून 2020 को देश के 272 जिलो में नशा मुक्त भारत अभियान की शुरूआत हुई थी, जिसमें हरियाणा के 10 जिलो का चयन किया गया था, जिनमें करनाल भी शामिल है। केन्द्र व राज्यों में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता विभाग को अभियान का नोडल विभाग बनाया गया है। उन्होंने कहा कि अभियान को सफल बनाने के लिए किसी तरह की कोर-कसर नहीं छोडेंगे।



