पंचायती राज मंत्री ने सात निश्चय योजनाओं में ई-निश्चय पोर्टल की लॉचिंग की

कमलेश पांडेय/विशेष संवाददाता
नई दिल्ली। बिहार सरकार के अति महत्वाकांक्षी सात निश्चय योजनाओं में ई-निश्चय पोर्टल की लॉचिंग हर घर नल का जल एवं नाली-गली पक्कीकरण निश्चय योजना का क्रियान्वयन पंचायती राज विभाग की उपलब्धियों में शामिल है। आवश्यकता इस बात की है कि उपर्युक्त योजनाओं को सतत् क्रियाशील रखा जाय।
पंचायती राज विभाग के अंतर्गत उपर्युक्त व्यवस्था के अनुश्रवण हेतु बिहार राज्य पंचायत संसाधन संस्था द्वारा ई-निश्चय पोर्टल का निर्माण किया गया है। जिसके द्वारा जलापूर्ति के साथ-साथ गली-नाली की स्थिति का अनुश्रवण किया जायेगा। प्रत्येक लाभुक द्वारा इसके उपयोग और समुचित अनुरक्षण की जानकारी पोर्टल से प्राप्त की जा सकेंगी।
ई-निश्चय पोर्टल (www.sprcbihar.in) का लोकार्पण पंचायती राज विभाग के मंत्री सम्राट चौधरी द्वारा शुक्रवार को किया गया है। अगले सप्ताह से ई-निश्चय एप्प (e-NISCHAY App), गूगल प्ले स्टोर पर उपलब्ध रहेगा, जहाँ से डाऊनलोड कर अपनी शिकायतें ऑनलाइन दर्ज करा सकते हैं। मंत्री ने ई-निश्चय पोर्टल का लोकार्पण करते हुए कहा कि प्रत्येक लाभुक सुविधाओं का लाभ उठा सके एवं किसी भी स्थानीय समस्या की जानकारी ससमय विभाग को प्राप्त हो जाय इसके लिए ई-निश्चय पोर्टल का निर्माण किया गया है।
मुख्यमंत्री ग्रामीण पेयजल निश्चय योजना के दीर्घकालीन अनुरक्षण नीति के तहत जलापूर्ति योजनाओं के संचालन हेतु सामान्यतः वार्ड सदस्य को अनुरक्षक के रूप में कार्य किये जाने हेतु चिन्हित किया गया है, जिनके द्वारा प्रतिदिन योजनाओं को निर्धारित समयानुरूप जलापूर्ति योजना को संचालित करते हुए पंजियों का संधारण, छोटी-मोटी त्रुटियों का निवारण सहित उपभोक्ता शुल्क की वसूली की जायेगी। अनुरक्षक को मानदेय के रूप में ₹2,000/- दो हजार रुपये प्रतिमाह एवं प्रोत्साहन के रूप में संकलित उपभोक्ता शुल्क का 50 प्रतिशत राशि देय होगा। आगामी 27 दिसम्बर से सभी वार्ड क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति को अनुरक्षण अनुदान की उपलब्ध करायी जायेगी।
वहीं, लघु मरम्मती का कार्य प्रखड स्तरीय अनुरक्षण एजेंसी के माध्यम क्रियान्वयन एवं प्रबंधन समिति द्वारा कराया जायेगा, जिनका चयन प्रखडवार जिला पंच पदाधिकारी द्वारा किया जा रहा है। बृहद मरम्मति की स्थिति में तकनीकी सहायक द्वारा तैयार गये प्राक्कलन के आधार पर ग्राम पंचायत प्रशासनिक स्वीकृति देते हुए राशि वाई क्रियान्वयन एव प्रबंधन समिति को अंतरित करेगी। उपरोक्त व्यवस्था के तहत सतत जलापूर्ति योजनाओं के संचालन हेतु सभी हितधारकों के दायित्वों का निर्धारण किया गया है।
हमें पूर्ण विश्वास है कि सूचना प्रौद्योगिकी के इस दौर में पंचायती राज विभाग द्वारा अपने कार्यक्रमों का सही अनुश्रवण और समस्याओं का ससमय निष्पादन किया जा सकेगा। कार्यक्रम का सफल संचालन पंचायती राज विभाग के निदेशक डॉ० रणजीत कुमार सिंह ने किया। इस कार्यक्रम में विभाग के अन्य पदाधिकारी भी उपस्थित थे।

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