जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह में पीक पर होगा Omicron : डॉ. त्रेहन

 

नई दिल्ली। कोरोना वायरस का नया वेरिएंट ओमिक्रॉन भारत में अपनी पहुंच बना चुका है। ऐसे में अब कहा जा रहा है कोरोना की तीसरी लहर कभी भी अपना कहर बरपा सकती है। एक्सपर्ट्स बता रहे हैं ओमिक्रॉन का ट्रांसमिशन रेट भारत में दूसरी लहर के लिए जिम्मेदार डेल्टा वेरिएंट से तीन गुना अधिक है। कहने का मतलब है कि ओमीक्रान वैरियंट तीन गुना तेजी से लोगों को संक्रमित कर सकता है।

ये वायरस भारत में कब पीक पर होगा और इसका कब तक इसका खतरा टल सकता है? इस बारे में मेंदांता के चेयरमैन डॉक्टर नरेश त्रेहन ने विस्तार से बात की। डॉक्टर त्रेहन के मुताबिक ‘भारत में आई कोरोना की पिछली दो लहरों से हमें सबक लेना चाहिए।पहली और दूसरी लहर के बीच में लगभग 32 हफ्तों का फासला था। पहली लहर के खत्म होते ही लोगों ने मान लिया कि अब वायरस का कहर खत्म हो गया है, लेकिन जब दूसरी लहर आयी तो उसने पहली लहर से भी ज्यादा तबाही मचाई। ऐसे में लोगों को चाहिए कि जब तक वायरस का खतरा पूरी तरह टल नहीं जाता, तब तक सतर्क रहे और कोविड नियमो का पालन करें।’

डॉ. त्रेहन का कहना है कि , ‘ऐसा अनुमान लगाया जा रहा है कि ये वायरस सितंबर-अक्टूबर से ही फैल रहा है, लेकिन इसका कोई सबूत नहीं है।’ उन्होंने कहा कि यदि हम ‘सूत्रा मॉडल’ से देखें, जिसे पहली और दूसरी लहर के दौरान भी अप्लाई किया गया था तो नया वैरिएंट जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह में पीक पर होगा और फरवरी तक समाप्त हो जायेगा। हालांकि, ये कितनी तबाही मचाएगा या कितन आगे जायेगा ये हमारे व्यवहार पर निर्भर करता है। डॉ. त्रेहन ने कहा कि ओमिक्रॉन वैरिएंट की दस्तक को तीसरी लहर घोषित करना फिलहाल मुश्किल है। इसके लिए अभी और इंतजार करना होगा।

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