मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह पर एफआईआर दर्ज किये जाने की मांग

मध्य प्रदेश (Madhya Pradesh) के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह (Digvijay Singh) के द्वारा कांग्रेस पार्टी के जनजागरण अभियान कार्यक्रम में विनायक दामोदर सावरकर की किताब का हवाला दे कर गऊ वंश पर कटाक्ष करते हुए ये कहा जाना कि हिंदू धर्म का हिंदुत्व से कोई संबंध नहीं है। उनके इस बयान पर गऊ वंश के संरक्षण से जुड़ा भारत का पहला व एक मात्र अखबार गऊ भारत भारती के संपादक संजय अमान (Sanjay Aman, Editor of the Newspaper Gau Bharat Bharti) ने तीखी भर्त्सना करते हुए दिग्विजय सिंह पर एफआईआर दर्ज किये जाने की मांग की है।
दिग्विजय सिंह के बयान को आपत्तिजनक व राजनीति से प्रेरित बताते हुए अखबार के संपादक संजय अमान ने कहा है कि भारत में गाय एक अति संवेदनशील मुद्दा है। दिग्विजय सिंह के इस तरह के बयान से भारत में रह रहे अल्पसंख्यक समाज में डर और भय पैदा होता है , देश में आपसी भाई चारे को खतरा उत्पन्न होता है क्योकि देश के हिन्दू बाहुल्य समाज में आराध्य मानते हुए गाय को माता का स्थान दिया गया है।
वीर विनायक दामोदर सावरकर की पुस्तक का हवाला देते हुए संजय अमन ने आगे कहा कि विनायक दामोदर सावरकर द्वारा मराठी भाषा में लिखी गई किताब ‘विज्ञाननिष्ठ निबंध’ भाग 1 और भाग 2, स्वातंत्र्यवीर सावरकर राष्ट्रीय स्मारक प्रकाशन, मुंबई ने प्रकाशित की गई है थी। इस किताब के अध्याय 1.5 का शीर्षक है – गोपालन हवे, गोपूजन नव्हे. इस में लिखा है कि – ” भारत जैसे कृषि प्रधान देश में यह स्वाभाविक ही है कि लोगों को गाय अच्छी लगे। गाय लंबे समय से हमारे साथ रही है। वह हमें कई चीजें उपलब्ध करवाती है। उसका दूध, अनाज के साथ मिलकर हमारे शरीर का विकास करता है। जो गायें रखते हैं उनके लिए ये परिवार के किसी सदस्य जैसी ही बन गई हैं। हिंदुओं का करुणापूर्ण मन और हृदय गायों के प्रति कृतज्ञता महसूस करता है।
मुम्बई से प्रकाशित अखबार गऊ भारत भारती के संपादक संजय अमान के द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति में राष्ट्रीय एकता और सदभावना को खंडित करने के उद्देश्य से दिग्विजय सिंह की तरह बयान देने वाले अन्य व्यक्तियों को भी चिन्हित कर उन पर उचित कानूनी कार्यवाही किये जाने की मांग सरकार से की गई है।
संवाद प्रेषक : काली दास पाण्डेय



