केजरीवाल सरकार ने राष्ट्र निर्माता शिक्षकों का किया सम्मान

नई दिल्ली| शिक्षक राष्ट्र निर्माता होते है और दिल्ली में केजरीवाल सरकार में इन राष्ट्र निर्माताओं को उनके द्वारा किए गए कार्यों को लेकर सम्मानित करने की परम्परा का पालन करती है| इस दिशा में शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने शुक्रवार को ‘सम्मान व्याख्याताओं का’ कार्यक्रम के तहत दिल्ली सरकार द्वारा वितपोषित कॉलेजों व राज्य विश्वविद्यालयों में शानदार काम करने वाले 17 लेक्चरर्स को सम्मानित किया| इस अवसर पर श्री सिसोदिया ने कहा कि राष्ट्र निर्माण में शिक्षकों का सबसे बड़ा योगदान रहा है| हमारे शिक्षक अपने कामों से लाखों जिंदगियों को प्रभावित करते है| हमारे शिक्षक देश की नीँव हमारे बच्चों को तैयार करते है | उन्होंने कहा कि दिल्ली में नॉलेज बेस्ड सोसाइटी के निर्माण में हमारे कॉलेजों की फैकल्टी का महत्वपूर्ण योगदान रहा है इसलिए उन्हें सम्मानित करना हमारा कर्तव्य है| उन्होंने कहा कि केजरीवाल सरकार का विज़न शिक्षा के माध्यम से देश को बदलना है और हम इस दिशा में हमारे सभी शिक्षक अग्रिम पंक्ति में खड़े होकर अपना योगदान दे रहे है|

2019 में केजरीवाल सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य कॉलेज प्रवक्ताओं  के शानदार योगदान को स्वीकार करना है जो दिल्ली में उच्च शिक्षा के माध्यम से ऐसे समाज का निर्माण कर रहे जहाँ एजुकेशन में एक्सीलेंस को महत्व दिया जाता है। साथ ही इस सम्मान का उद्देश्य न केवल अच्छा प्रदर्शन करने वाले प्रवक्ताओं  को पुरस्कृत करना और उन्हें सार्वजनिक रूप से पहचानना है, बल्कि उन्हें भविष्य में और भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित करना है।

*अवार्ड के लिए कैसे किया जाता है चयन
इस अवार्ड के लिए प्रवक्ताओं का चयन करने के लिए  स्टूडेंट फीडबैक, रिजल्ट में सुधार, रिसर्च कार्यों, एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटीज और अकेडमिक्स के अन्य क्षेत्रों में प्रवक्ताओं द्वारा किए गए उनके  योगदान को ध्यान में रखा जाता है| इन पक्षों का आंकलन करने के लिए कॉलेज व यूनिवर्सिटी स्तर पर एक मूल्यांकन कमिटी बनाई जाती है|  पहले स्तर पर चयनित प्रवक्ताओं के नाम उच्च शिक्षा निदेशालय अंतिम चयन के लिए दिल्ली सरकार द्वारा गठित चयन समिति के समक्ष रखता है  जिसमें उच्च शिक्षा सचिव, अम्बेडकर व आईपी यूनिवर्सिटी के उपकुलपति दिल्ली विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार, शिक्षा निदेशक और उच्च निदेशक शामिल होते है|

पुरस्कार संबंधी गाइडलाइन्स के अनुसार सरकार द्वारा वित्तपोषित विश्वविद्यालय के 28 कॉलेजों से एक-एक व  तीनों राज्य विश्वविद्यालयों में से प्रत्येक से दो प्रवक्ताओं  को पुरस्कृत करने का प्रावधान है। इन चयनित शिक्षकों को दिल्ली सरकार द्वारा अवार्ड के साथ-साथ 1 लाख रूपये की राशि दी जाती है|

*अवार्डी लेक्चरर्स*
1.      डॉ. चारू खोसला गुप्ता, प्रोफेसर बॉटनी, आचार्य नरेंद्र देव कॉलेज
2.      डॉ. अजय कुमार झा, प्रोफेसर संस्कृत, सत्यवती कॉलेज
3.      खुर्शीद खान, प्रोफेसर इतिहास, शिवाजी कॉलेज
4.      डॉ. गुलशन कुमार, एसोसिएट प्रोफेसर, आईपी विश्वविद्यालय
5.      डॉ. प्रिया बीर, प्रोफेसर साइकोलोजी, अदिति महाविद्यालय
6.      डॉ. उमा चौधरी, प्रोफेसर, भास्करचार्य कॉलेज ऑफ़ एप्लाइड साइंसेज
7.      डॉ. मनीषा, प्रोफेसर, इलेक्ट्रॉनिक्स, महाराजा अग्रसेन कॉलेज
8.      डॉ. स्नेहा काबरा, एसोसिएट प्रोफेसर, इंस्ट्रूमेंटेशन, शहीद राजगुरु कॉलेज ऑफ़ एप्लाइड साइंसेज फॉर वीमेन
9.      डॉ. नंदिनी चौधरी सेन, एसोसिएट प्रोफेसर, इंग्लिश, भारती कॉलेज
10.     अमित कुमार, असिस्टेंट प्रोफेसर, मैनेजमेंट स्टडीज, शहीद सुखदेव कॉलेज ऑफ़ बिज़नेस स्टडीज
11.     डॉ. गीता किचलू, एसोसिएट प्रोफेसर, कॉमर्स, गार्गी कॉलेज
12.     डॉ. ज्योति धवन,  एसोसिएट प्रोफेसर, कॉमर्स, कमला नेहरु कॉलेज
13.     डॉ. पिंकी बजाज गाँधी, एसोसिएट प्रोफेसर, केमेस्ट्री, मैत्रेयी कॉलेज
14.     डॉ. धनंजय कुमार दुबे, प्रोफेसर,हिंदी, मोतीलाल नेहरु कॉलेज
15.     डॉ. पूजा गोयल, ,  एसोसिएट प्रोफेसर, कॉमर्स, शहीद भगत सिंह कॉलेज
16.     विनीता कुमारी, प्रोफेसर,हिंदी, स्वामी श्रद्धानंद कॉलेज
17.     डॉ. सुखनीत सूरी, असिस्टेंट प्रोफेसर, फ़ूड टेक्नोलॉजी, विवेकानंद कॉलेज

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