तुलसी पूजा प्रकृति की पूजा है और पर्यावरण को बचाने का संकल्प है : संजय बतरा

करनाल, आशुतोष गौतम। तुलसी पूजन दिवस की संध्या में मानव सेवा संघ में यैस वी कैन के चेयरमैन संजय बतरा के नेतृत्व में राजेश ग्रोवर, मीनाक्षी गाँधी, स्वर्ण लता काठपाल, सावी चौधरी, सिमरन बतरा, नीलम बतरा, सुशीला गोयल और शैलजा गुप्ता द्वारा औषधीय गुणों से भरपूर दिव्य रूप तुलसी जी की आरती और पूजा अर्चना की गई।
कार्यक्रम में चेयरमैन संजय बतरा ने सभी को तुलसी दिवस की शुभकामनाएँ देते हुए कहा कि हिन्दू धर्म मे तो वनस्पति, नदियों, गाय और माता पिता को देव तुल्य मानते हुए कहा है, तुलसी वृक्ष ना जानिए, गाय ना जानिए ढोर, माता-पिता मनुष्य ना जानिए, ये तीनों नन्द किशोर। अर्थात: तुलसी को कभी वृक्ष नहीं समझना चाहिए, गाय को कभी पशु ना समझे तथा माता-पिता को कभी मनुष्य ना समझें, क्योंकि ये तीनो तो साक्षात भगवान का रूप हैं। मेरा देश बदल रहा है, तुलसी पूजा प्रकृति की पूजा है और पर्यावरण को बचाने का संकल्प है।
कार्यक्रम में दुलीचंद शर्मा, एडवोकेट नरेन्द्र सुखन, राम सिंह ने भी तुलसी जी की आरती और पूजा अर्चना की और सैक्टर 13 में गीता मनीषी स्वामी ज्ञानानंद जी के स्नेहिल सनिध्य में होने वाले गौ सेवा को समर्पित 27 दिसम्बर से 31 दिसम्बर तक होने वाले दिव्य गीता सत्संग में आने के लिए सभी सदस्यों को निमंत्रण दिया। कार्यक्रम में सभी सदस्यों द्वारा तुलसी दिवस की प्रोजेक्ट डायरेक्टर सावी चौधरी को समृति चिह्न दे कर सम्मानित किया गया।



