Editioril : छाया की तरह मौन, पर हमेशा साथ

Editioril: Silent like a shadow, but always with you

Editioril: Silent like a shadow, but always with you
Editioril: Silent like a shadow, but always with you

Editioril :  हर साल जून के तीसरे रविवार को हम ‘फादर्स डे’ मनाते हैं। यह एक दिन है जब हम अपने पिता के प्रति कृतज्ञता प्रकट करते हैं उस व्यक्ति के लिए जो हमारी जि़ंदगी का एक मौन लेकिन मजबूत आधार होता है। मां के प्रेम को अक्सर उपमा दी जाती है ममता की मूर्ति, त्याग की देवी। लेकिन पिता? वे अपनी भावनाएं कम ही ज़ाहिर करते हैं। फिर भी, उनकी मौजूदगी किसी छाया की तरह होती है शांत, स्थिर और हमेशा साथ चलने वाली।

पिता का प्यार शब्दों में नहीं, कर्मों में दिखता है। वह सुबह सबसे पहले उठते हैं, घर के बाहर की दुनिया से लड़ते हैं, और घर लौटकर मुस्कान के साथ अपने बच्चों की थकान मिटाते हैं। वे शायद कभी “मैं तुमसे प्यार करता हूं” नहीं कहते, पर अपने जीवन का हर दिन हमारे लिए जीते हैं। उनकी मेहनत, उनका संघर्ष और उनका आत्मसंयम हमारी परवरिश में चुपचाप शामिल रहता है।

आज जब हम फादर्स डे मना रहे हैं, तो यह समय है कि हम सिर्फ औपचारिकता नहीं निभाएं, बल्कि पिता के महत्व को गहराई से समझें। यह दिन केवल उपहार देने, कार्ड भेजने या सोशल मीडिया पर फोटो साझा करने तक सीमित नहीं होना चाहिए। यह दिन होना चाहिए एक आत्ममंथन का कि क्या हम अपने पिता के संघर्ष को समझ पाए हैं? क्या हमने उनके योगदान को कभी उतनी गंभीरता से लिया है, जितना वह सच में हकदार हैं?

पिता का त्याग अक्सर अदृश्य होता है। उन्होंने अपने सपनों को हमारे भविष्य के लिए छोड़ दिया। जिन चीज़ों के वे कभी हकदार थे, वे हमें देने के लिए उन्होंने खुद को पीछे कर लिया। उन्होंने हमारी हर हार में संबल दिया, और हर जीत को ऐसे जिया जैसे वह उनकी अपनी हो। वे कभी दिखावे की चाह नहीं रखते — बस चाहते हैं कि उनके बच्चे खुश रहें, सुरक्षित रहें और उनसे बेहतर जीवन जिएं।
हमारे समाज में अब समय आ गया है कि हम पिता की भूमिका को नए दृष्टिकोण से देखें। जिस प्रकार मातृत्व को सम्मान मिलता है, उसी तरह पितृत्व के मूक बलिदानों को भी पहचान मिलनी चाहिए। खासकर युवा पीढ़ी को यह समझना होगा कि उनके जीवन की जो नींव है, वह उनके पिता ने पत्थर-पत्थर जोड़कर बनाई है।

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इस फादर्स डे पर हम सिर्फ शब्दों से नहीं, कर्मों से उन्हें सम्मान दें। उनके साथ कुछ समय बिताएं, उनके संघर्षों को सुनें, और उन्हें यह महसूस कराएं कि वे अकेले नहीं हैं। उनसे संवाद करें, क्योंकि कई बार उन्हें सिर्फ एक साथी की जरूरत होती है, जो उनका हाल पूछे।
फादर्स डे उन रिश्तों को संजोने का दिन है जो अक्सर दिनचर्या की आपाधापी में खो जाते हैं। यह दिन है अपने उस नायक को धन्यवाद कहने का, जिसने हमारी जि़ंदगी की कहानी को मजबूत पृष्ठभूमि दी।

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