Editorial : आदर्श आचार संहिता की उल्लंघना पर सख्ती
Editorial: Strictness on violation of model code of conduct

Editorial : हरियाणा विधानसभा आम चुनाव को पारदर्शी और निष्पक्ष ढंग से संपन्न करवाने को लेकर हरियाणा मुख्य निर्वाचन अधिकारी का कार्यालय तथा जिला प्रशासन पूरी तरह से गंभीर है। आचार संहिता की पालना को लेकर विभिन्न टीमों का गठन किया गया है। इन टीमों द्वारा कड़ी निगरानी की जा रही है। टीमों की यूट्यूब, इस्ट्राग्राम, फेसबुक व वाट्सएप ग्रुप, एक्स आदि सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर है।
निर्वाचन आयोग के निर्देशों पर जिला में गठित टीमें इस बार चुनाव के दौरान सोशल मीडिया पर भी नजर रखेंगी और किसी भी तरह का विज्ञापन मिलने पर उसकी रिपोर्ट खर्च के ब्यौरे सहित खर्चा निगरानी टीम को देंगी। रिपोर्ट के आधार पर संबंधित उम्मीदवार या पार्टी के खाते में उस विज्ञापन का खर्चा जोड़ दिए जाएगें।
आचार संहिता के दौरान कोई भी उम्मीदवार को अप्रत्यक्ष रूप से भ्रामक चुनाव सामग्री का प्रसारण नहीं करना चाहिए। आदर्श चुनाव आचार संहिता की उल्लंघना नहीं होनी चाहिए, यदि कोई ऐसा करता है तो उनके खिलाफ नियमानुसार कार्यवाही अवश्य कार्रवाई होनी चाहिए।
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हरियाणा के मुख्य निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि चुनाव के दौरान सोशल मीडिया की निगरानी भी बहुत जरूरी है। सोशल मीडिया पर भी कई बार चुनाव के दौरान यू-ट्यूब वीडियो प्लेटफॉर्म आदि पर उम्मीदवार व पार्टी चुनाव का प्रचार करते हैं। निगरानी टीम को यदि ऐसे वीडियो मिलते हैं जो जाति, धर्म विशेष के पक्ष में या कोई भ्रामक सामग्री दर्शाते हों, आदर्श आचार संहिता का उल्लंघन करते हों तो उस स्थिति में संबंधित यूट्यूब चैनल चलाने वाले के खिलाफ भी कार्यवाही की जा सकती है।
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आदर्श आचार संहिता एक समान रूप से सभी पर लागू होती है, जिसमें समाचार पत्र, टेलीविजन, रेडियो और सोशल मीडिया भी शामिल है। समाचार पत्र या चैनल पर कोई भी विज्ञापन प्रकाशित करवाने से पहले एमसीएमसी कमेटी के माध्यम से अनुमति लेनी जरूरी है, उसी प्रकार से सोशल मीडिया पर दिए जाने वाले विज्ञापन या अन्य प्रसार सामग्री डालने के लिए भी प्रशासन की अनुमति जरूरी है।
