DSEU 100 महिलाओं को सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग में एडवांस डिप्लोमा देगी

- यूनिवर्सिटी ने वंचित समुदायों की महिलाओं और ट्रांस महिलाओं के लिए सॉफ्टवेयर प्रोग्रामिंग की पढ़ाई के लिए नवगुरुकुल के साथ करार किया है - सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में 20 महीने का एडवांस कोर्स कराया जाएगा, 17-30 आयु वर्ग की महिलाएं आवेदन कर सकती हैं

नई दिल्ली।  दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी (डीएसईयू) ने नवगुरुकुल फाउंडेशन फॉर सोशल वेलफेयर के साथ करार किया है। जिसके तहत सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग में 20 महीने का एडवांस कोर्स कराया जाएगा। जिसमें 17-30 आयु वर्ग के बीच की दिल्ली की महिलाएं और ट्रांस महिलाएं इस प्रोग्राम में आवेदन कर सकती है। इस करार के तहत डीएसईयू 100 महिलाओं और ट्रांस महिलाओं को सॉफ्टवेयर विकास और कोडिंग में हैंड्स-ऑन लर्निंग का कोर्स कराएगी।

डीएसईयू और नवगुरूकुल के बीच हुए करार के दौर वीसी प्रो. नेहारिका वोहरा ने कहा कि औपचारिक और अनौपचारिक प्रणालियों के अपने फायदे हैं। डीएसईयू दोनों व्यवस्थाओं के सर्वश्रेष्ठ आचरण को जोड़ना चाहता है। हम नवगुरुकुल जैसे संगठन के साथ साझेदारी करके बेहद खुश हैं। नवगुरूकुल न केवल विशेषज्ञता पर ध्यान देते हैं बल्कि अपने छात्रों के जीवन में बदलाव लाने का भी इरादा रखते हैं। इस प्रोग्राम के तहत हम छात्रों के व्यक्तिगत जीवन एवं उनके समुदायों के जीवन को बदलने की भी उम्मीद करते हैं।

प्रो वाइस चांसलर  प्रो. स्निग्धा पटनायक ने कहा कि हम सभी समुदायों के छात्रों के लिए शिक्षा को सुलभ बनाना चाहते हैं। नवगुरुकुल के साथ साझेदारी कर 17-30 वर्ष की आयु के बीच की लड़कियों, महिलाओं और ट्रांस महिलाओं को कोडिंग सीखाना और सॉफ्टवेयर के क्षेत्र में प्रवेश करने के लिए प्रोत्साहित करना हमारा उद्देश्य है।

विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार  अश्विनी कंसल ने कहा कि हम वंचित समुदायों की लड़कियों और ट्रांस महिलाओं को रोजगार देने के लिए डिज़ाइन किए गए इस प्रोग्राम का समर्थन करते हैं। हम मानते हैं कि आज के युग में छात्रों के लिए कोडिंग में आयी नवीनतम तकनीकों को सीखाना अत्यावश्यक है।

नवगुरुकुल के सह-संस्थापक और सीईओ अभिषेक गुप्ता ने कहा कि इस प्रोग्राम की मुख्य बात यह है कि हम छात्रों पर भरोसा करते हैं कि वे अपने लिए सर्वश्रेष्ठ निर्णय लेने में सक्षम हैं। हम मुश्किल हालात में छात्रों की निगरानी और आंकलन करने में विश्वास नहीं रखते। हम उन्हें उद्योग-प्रासंगिक शिक्षा प्रदान करते हैं। छात्र की सीखने की क्षमता के आधार पर वह 4 महीने से लेकर 20 महीने तक के समय में नौकरी के लिए तैयार हो सकता है। उन्होंने कहा कि नवगुरुकुल मॉडल के माध्यम से हम न केवल छात्रों को रोजगार योग्य बनाते हैं, बल्कि उनके और उनके परिवार के जीवन को बदलने में भी मदद करते हैं। जब एक महिला सदस्य अपने पैरों पर खड़ी होती है, तब वह परिवार के निर्णय लेने में भी अधिक साझेदारी निभाती है।

उन्होंने कहा कि इस करार के जरिए डीएसईयू के साथ काम करने और दिल्ली में शिक्षा में हो रहे बदलाव का हिस्सा बनने के लिए उत्साहित हैं। नवगुरुकुल मॉडल पेश करने के लिए दिल्ली स्किल एंड एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी के साथ साझेदारी करना हमारे लिए सम्मान की बात है। इसके जरिए छात्र अपनी कोडिंग सीख सकते हैं।

प्रोग्राम में दाखिला परीक्षा के माध्यम से होगा। शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए यह प्रोग्राम एक समग्र दृष्टिकोण से बनाया गया है। जिससे प्रोग्राम के पूरा होने तक छात्र सॉफ्टवेयर डेवलपमेंट इंडस्ट्री में रोजगार के लायक बन सकें। प्रोग्राम के दौरान सीखे गए कौशल का उपयोग छात्र नवगुरुकुल द्वारा आयोजित प्लेसमेंट कार्यक्रमों में कर सकते हैं। इस कार्यक्रम की शुरुआत दिसंबर 2021 से होगी।

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