छत्रसाल स्टेडियम देशभर में बन रहा है स्पोर्ट्स की गारंटी: मनीष सिसोदिया

दिल्ली सरकार खिलाड़ियों को बेहतर खेल सुविधाएं देने के लिए प्रतिबद्ध, पैसों की कमी की वजह से कभी किसी खिलाड़ी के सपने नहीं रुकेंगे देंगे - उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया

दिल्ली में खेल को बढ़ावा देने और खिलाड़ियों एवं उनके कोचों को बेहतर सुविधाएं देने के लिए दिल्ली सरकार प्रतिबद्ध है| इस दिशा में शुक्रवार को उपमुख्यमंत्री श्री  मनीष सिसोदिया ने छत्रसाल स्टेडियम में आवासीय हॉस्टल की नीँव रखी| 20.92 करोड़ रूपये की लागत से बन रहे पांच मंजिला इस हॉस्टल में खिलाड़ियों व उनके कोचों के लिए 64 कमरे बनाए जाएंगे| हॉस्टल 2 मैट वाले रेसलिंग हॉल, मेडिकल रूम, फिजियोथेरेपी सेंटर, जिम, स्टीम बाथ के साथ-साथ अन्य अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा| हॉस्टल का निर्माण कार्य  लगभग 16 महीनों में पूरा हो जाएगा| उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि हॉस्टल बनने से खिलाड़ियों को लाभ होगा एवं वे स्टेडियम में रहते हुए ही अपने खेल व ट्रेनिंग पर ध्यान दे सकेंगे| उन्होंने कहा कि छत्रसाल स्टेडियम अब तक कुश्ती में देश को 5 ओलंपिक मेडल दे चुका है। इन आधुनिक सुविधाओं, हॉस्टल और कोचिंग के साथ स्टेडियम में आगे भी देश के लिए विश्वस्तरीय पहलवानों को तैयार किया जाएगा| इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया| खिलाडियों ने ट्रेनिंग के दौरान मिशन एक्सीलेंस और प्ले एंड प्रोग्रेस स्कीम के तहत मिले आर्थिक सहयोग को लेकर दिल्ली सरकार का धन्यवाद किया|

इस अवसर पर उपमुख्यमंत्री श्री  मनीष सिसोदिया ने कहा कि, जब खिलाडी मेडल जीत कर लाने वाले खिलाडियों को सभी सम्मानित करते है, करोड़ों के इनाम देते है लेकिन जब खिलाड़ी मेडल लाने से पहले मैदान में ट्रेनिंग के दौरान पसीना बहाते है स्ट्रगल कर रहे होते है उस दौर में उनकी मदद दिल्ली सरकार करती है उन्होंने साझा किया कि जिन खिलाडियों में आगे बढ़ने की सम्भावना होती है उन्हें दिल्ली सरकार ‘प्ले एंड प्रोग्रेस’ और ‘मिशन एक्सीलेंस’ कार्यक्रम के तहत बेहतर ट्रेनिंग और कोच और स्पोर्ट्स इक्विपमेंट्स के लिए आर्थिक मदद करती है ताकि पैसों की कमी की वजह से उनके सपने न रुके| ‘प्ले एंड प्रोग्रेस’ कार्यक्रम के तहत दिल्ली सरकार जूनियर लेवल पर खिलाड़ियों को 3 लाख रूपये तक की मदद करती है| वही ‘मिशन एक्सीलेंस’ कार्यक्रम के तहत 17 साल से बड़े खिलाड़ियों को उनके प्रशिक्षण के दौरान 16 लाख रुपये तक की सहायता राशि दी जाती है। जिससे खिलाड़ियों को बेहतरीन ट्रेनिंग मिल सके।

उपमुख्यमंत्री ने कहा कि हमारे स्कूलों में खेलने को पढ़ना नहीं माना जाता है जबकि खिलाड़ी का खेल ही उसकी असल पढ़ाई है| इसके लिए दिल्ली सरकार, दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी व दिल्ली स्पोर्ट्स स्कूल खोलने की तैयारी में है| इस यूनिवर्सिटी का उद्देश्य खिलाड़ियों को वर्ल्ड-क्लास सुविधाएं देना है| इस यूनिवर्सिटी में दाखिला लेने वाले खिलाडियों के खेल को ही उनकी पढ़ाई मानी जाएगी|

सुमित- टोक्यो ओलम्पिक में कांस्य पदक विजेता भारतीय हॉकी टीम के सदस्य सुमित ने बताया कि स्कूल में पढ़ने के दौरान से ही उन्हें दिल्ली सरकार द्वारा मदद मिली है| उन्हें ट्रेनिंग के दौरान इसका बहुत लाभ हुआ और ओलंपिक मेडल जीतने में मदद मिली|

सार्थक भांवरी- टोक्यो ओलंपिक में 4×400 मीटर रिले में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले सार्थक भांवरी ने कहा कि दिल्ली सरकार दिल्ली में स्पोर्ट्स को लेकर काफी काम कर रही है| उन्होंने कहा कि छत्रसाल स्टेडियम में हॉस्टल बनने से |खिलाडियों को काफी फायदा होगा और वे स्टेडियम में रहते हुए बेहतर ढंग से अपनी ट्रेनिंग पर ध्यान दे पाएंगे| उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री व मुख्यमंत्री समय-समय पर मिलकर या फ़ोन पर मोटिवेट करते है|

अमोज जैकब –  टोक्यो ओलंपिक में 4×400 मीटर रिले में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले अमोज जैकब ने कहा कि उन्हें 2018 से ही दिल्ली सरकार के मिशन एक्सीलेंस स्कीम का लाभ मिल रहा है| इससे बेहतर डाइट और ट्रेनिंग में उन्हें मदद मिली है| उन्होंने बताया की 2018 में खेल के दौरान उन्हें इंजरी हुई जिसके लिए उन्होंने देश से बाहर जाकर अपना इलाज करवाया इसमें दिल्ली सरकार ने उनकी मदद की|  उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा जगह-जगह स्टेडियम और सिंथेटिक ट्रैक का निर्माण किया गया है जिससे वह अब अपने घर के पास ही ट्रेनिंग कर पाते है और उन्हें दूर स्टेडियम में नहीं जाना पड़ता है

अनिरुद्ध कुमार- 125 किलोग्राम वर्ग में फ्री-स्टाइल वर्ल्ड जूनियर रेसलिंग चैंपियनशिप में कांस्य पदक जीतने वाले अनिरुद्ध कुमार ने बताया कि दिल्ली सरकार के मिशन एक्सीलेंस स्कीम से उन्हें ट्रेनिंग के दौरान काफी मदद मिली है और पैसों की कमी के कारण कभी उनका खेल नहीं छुटा है|

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