उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और विधायक आतिशी ने डीएसईयू के डिप्लोमा पाठ्यक्रम के पहले बैच के छात्रों का स्वागत किया

नई दिल्ली। दिल्ली स्किल एवं एंटरप्रेन्योरशिप यूनिवर्सिटी ने आज डिप्लोमा प्रोग्राम्स के पहले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत की है। विश्वविद्यालय में नए छात्रों के लिए तीन दिवसीय ओरिएंटेशन प्रोग्राम आयोजित किया जा रहा है। ओरिएंटेशन के पहले दिन तीन हजार से अधिक छात्र ऑनलाइन शामिल हुए हैं।

ऑनलाइन ओरिएंटेशन प्रोग्राम में उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया एवं कालकाजी विधायक आतिशी ने छात्रों को संबोधित किया। वाईस चांसलर प्रो नेहारिका वोहरा ने 2021 बैच के डिप्लोमा छात्रों के लिए शैक्षणिक सत्र के उद्घाटन की घोषणा की।

समारोह की शुरुआत करते हुए उप मुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने डीएसईयू में डिप्लोमा प्रोग्राम्स में सभी छात्रों का स्वागत किया। विश्वविद्यालय को लेकर केजरीवाल सरकार के दृष्टिकोण को साझा करते हुए उन्होंने कहा कि डिप्लोमा छात्रों के बारे में समग्र धारणा को बदलने की तत्काल आवश्यकता थी। पॉलिटेक्निक कॉलेजों में संसाधन एवं उद्योग जगत की आवश्ककताओं में भी भारी अंतर था। डीएसईयू का दृष्टिकोण है युवाओं को उद्योग के लिए प्रासंगिक कौशल एवं तकनीक सीखने का अवसर प्रदान करना। ताकि वे नौकरी पा सकें या एक उद्यमी बन सकें। राष्ट्र के विकास में योगदान कर सकें। हमें विश्वविद्यालय में डिप्लोमा छात्रों के पहले बैच को देखकर गर्व हो रहा है। उभरते जॉब सेक्टर्स  पर लगातार काम करने के लिए डीएसईयू में रिसर्च विंग बनाने पर विशेष जोर दिया गया है। मुझे उम्मीद है कि छात्र एवं अध्यापक इसके दायरे को और विकसित करने के लिए मिलकर काम करेंगे।

विधायक आतिशी ने छात्रों को बधाई दी एवं कौशल के महत्व पर बात करते हुए कहा कि यह हमारे लिए एवं छात्रों के लिए बहुत बड़ा दिन है। कौशल शिक्षा को द्वितीय श्रेणी की शिक्षा के रूप में माना गया है। छात्रों को उनके डिग्री साथियों के समान महत्व नहीं दिया जाता है। डीएसईयू का उद्देश्य इसको बदलना है क्योंकि प्रत्येक व्यक्ति के योगदान से ही राष्ट्र की प्रगति होती है। हमारे राष्ट्र की पूर्ण क्षमता का विकास तभी हो सकता है। जब प्रत्येक छात्र अपने संबंधित विषयों से सीखे एवं शिक्षा क्षेत्र में इस तरह की रूढ़ियों को नजरअंदाज करे। हमारे समाज के निर्माण के लिए शिक्षा की सभी धाराएं महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

वी.क्षसी प्रो नेहारिका वोहरा ने डीएसईयू पर भरोसा जताने के लिए छात्रों का आभार व्यक्त किया। छात्रों को उनके जीवन के इस नए पड़ाव के लिए सलाह देते हुए उन्होंने कहा कि आपका आगे का जीवन इस बात पर निर्भर करता है कि आप इस अवसर का कैसे उपयोग करते हैं। मैं आपसे अनुरोध करुंगी कि आप कड़ी मेहनत करें क्योंकि रेस्ट इज रस्ट। इसलिए अपनी ऊर्जा का उपयोग करने के लिए खुद को प्रेरित करें एवं सीखने की प्रतिक्रिया को पूर्ण रूप से समझें । उन्होंने यह भी बताया कि छात्र अपने भावनात्मक, मनोवैज्ञानिक और शारीरिक परिवर्तनों को कैसे प्रबंधित कर सकते हैं। जिससे वे अपनी शैक्षणिक आवश्यकताओं को भी पूरा करते हैं।”

ओरिएंटेशन के आगामी दिनों के कार्यक्रम के बारे में विस्तार से बताते हुए उन्होंने कहा कि अगले दो दिनों की योजना छात्रों को उनके चुने हुए डोमेन्स में पूर्व छात्रों एवं उद्योग विशेषज्ञों के साथ बातचीत कर उद्योग को समझने के लिए हैं। यह सेशन समूह-अनुसार एवं पाठ्यक्रम-अनुसार आयोजित की जाएंगी। उन्होंने दोहराया कि इस ओरिएंटेशन का उद्देश्य छात्रों के साथ विश्वविद्यालय के अनुभवों को साझा करना एवं उन्हें अपने तीन वर्षों में सर्वश्रेष्ठ कौशल प्राप्त करने के लिए तैयार करना है। चूंकि वे यहां व्यक्तिगत रूप से आने में असमर्थ हैं। इसी कारणवश हमने छात्रों के साथ संवादात्मक सत्र आयोजित किया हैं।

कोविड-19 पर हालिया चिंताओं को देखते हुए कक्षाएं एक हाइब्रिड मोड में शुरू होंगी। अध्यापकों के प्रशिक्षण के साथ-साथ भर्ती छात्रों के लिए भी डिजिटल साक्षरता सत्र आयोजित किए गए हैं ताकि वे ऑनलाइन सीखने के तरीके समझ सकें।

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